"हमें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनाना ही होगा" : बुलेट ट्रेन पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री ने कहा कि हर 100 मीटर के बाद Geo-टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन किया गया है. पूरे रूट के लिए एशिया की सबसे बड़ी जीओ टेक्निकल लैब स्थापित की गई है. सूरत में आज हर महीने 8 किलोमीटर तक पिलर कास्ट हो रहे हैं.

रेल मंत्री ने कहा कि भारत में सारा सिविल और ट्रैक का काम भारतीय इंजीनियर और भारतीय कंपनियां कर रही हैं.

नई दिल्ली:

मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट यानी बुलेट ट्रेन को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को राज्यसभा में कई अहम तथ्य रखे. रेल मंत्रालय के कामकाज पर बहस के दौरान बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सवाल उठे, लेकिन रेल मंत्री ने कहा कि रेल व्यवस्था के आधुनिकरण के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बेहद जरूरी है और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है.

रेल मंत्रालय के कामकाज पर चली लंबी बहस के दौरान तृणमूल कांग्रेस संसदीय नेता डेरेक ओ ब्रायन में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सवाल उठा दिया डेरेक ने कहा, "मुंबई से अहमदाबाद के लिए ट्रेन... इसे सुपरफास्ट कहें या बुलेट ट्रेन. बुलेट ट्रेन बनाने के लिए आपको 200 करोड़ प्रति किलोमीटर लगेंगे. हमारी प्राथमिकता सब्जी, चावल या चने के लिए  25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत से एक समर्पित फ्रेट कॉरिडोर होनी चाहिए."

राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर लंबी चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भारत सरकार के महंगे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सवाल उठा दिया. डेरेक ने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट सरकार का वैनिटी प्रोजेक्ट है.

वहीं रेल मंत्री ने इसका जवाब देने में देरी नहीं की. अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में कहा, "यहां सवाल उठाया गया कि बुलेटिन ट्रेन की क्या जरूरत है. हमें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनाना ही होगा. 25 देशों ने हाई स्पीड ट्रेन या बुलेट ट्रेन को अपनाया है. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को वैनिटी प्रोजेक्ट कहना शर्म की बात है".

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन वर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य राज्यसभा में पेश किए. उन्होंने कहा कि जापान में जो E5 सीरीज की ट्रेन चल रही है उसी ट्रेन को हम भारत में ला रहे हैं. हर महीने 8 किलोमीटर तक पिलर कास्ट हो रहे हैं. 29 किलोमीटर के पिलर अब तक कास्ट हो चुके हैं. 80 किलोमीटर तक फाउंडेशन कास्ट हो चुका है.

उन्होंने कहा कि भारत में सारा सिविल और ट्रैक का कार्य भारतीय इंजीनियर और भारतीय कंपनियां कर रही हैं. हर 100 मीटर के बाद पूरे रूट स्ट्रेच का Geo-टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन किया गया है. 
हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के तहत मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर के स्ट्रेच पर बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है. इस रूट पर 12 स्टेशन होंगे.

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