
चेन्नई:
मद्रास हाईकोर्ट ने कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' से प्रतिबंध हटा दिया है। बहस के दौरान कमल हासन के वकील ने कहा कि सेंसर बोर्ड द्वारा पास की गई फिल्म के प्रदर्शन को रोकना असंवैधानिक है।
उल्लेखनीय है कि प्रतिबंध के मामले में सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने पिछले शनिवार को 'विश्वरूपम' देखी थी, और सोमवार को उन्होंने कमल हासन को सलाह दी थी कि वह तमिलनाडु सरकार के साथ इस मुद्दे के एक 'स्वीकार्य और शांतिपूर्ण' समाधान के लिए हरसंभव संभावनाएं टटोलें। इसके साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने इस बारे में अपना फैसला मंगलवार तक के लिए टाल दिया था।
इस बीच, कर्नाटक पुलिस द्वारा पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रीब्यूटरों ने निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' को आखिरकार राज्य में रिलीज़ कर दिया।
कर्नाटक में फिल्म एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर एचडी गंगराजू ने बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें फिल्म का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना का आश्वासन दिया है, जिसके बाद 'विश्वरूपम' को मंगलवार को मैटिनी शो के साथ बेंगलुरू के 17 सिनेमाघरों सहित राज्यभर में 40 थियेटरों में रिलीज़ किया गया है, और बेंगलुरू के 17 सभी सिनेमाघर हाउसफुल जा रहे हैं।
इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है।
रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।
कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे।
क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं।
उल्लेखनीय है कि प्रतिबंध के मामले में सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने पिछले शनिवार को 'विश्वरूपम' देखी थी, और सोमवार को उन्होंने कमल हासन को सलाह दी थी कि वह तमिलनाडु सरकार के साथ इस मुद्दे के एक 'स्वीकार्य और शांतिपूर्ण' समाधान के लिए हरसंभव संभावनाएं टटोलें। इसके साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने इस बारे में अपना फैसला मंगलवार तक के लिए टाल दिया था।
इस बीच, कर्नाटक पुलिस द्वारा पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रीब्यूटरों ने निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' को आखिरकार राज्य में रिलीज़ कर दिया।
कर्नाटक में फिल्म एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर एचडी गंगराजू ने बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें फिल्म का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना का आश्वासन दिया है, जिसके बाद 'विश्वरूपम' को मंगलवार को मैटिनी शो के साथ बेंगलुरू के 17 सिनेमाघरों सहित राज्यभर में 40 थियेटरों में रिलीज़ किया गया है, और बेंगलुरू के 17 सभी सिनेमाघर हाउसफुल जा रहे हैं।
इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है।
रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।
कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे।
क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं