UP चुनाव : नहीं मान रहे बात, BJP में सांसद से लेकर मंत्री और राज्यपाल तक रिश्तेदारों के लिए जुगाड़ रहे टिकट

'वंशवादी राजनीति' को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के कुछ मंत्रियों ने भी अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट की मांग की है. हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी 'रिश्तेदारी' के आधार पर टिकट देती है या 'गुण' के आधार पर.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले महीने होने वाला विधानसभा चुनाव कितना अहम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीजेपी के कई सांसद व मंत्री अपने परिजनों के लिए टिकट जुटाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, कौशल किशोर, राज्यपाल कलराज मिश्र और फागू चौहान, सांसद रीता बहुगुणा जोशी, रवींद्र कुशवाहा सहित कई केंद्रीय मंत्री और सांसदों की तमन्ना है कि​ इस बार उनके परिवार में से भी किसी एक को टिकट मिल जाए.

इन नेताओं को चाहिए परिवार के लिए टिकट

  • भाजपा सांसद और उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में लखनऊ कैंट सीट से उनके बेटे मयंक जोशी को टिकट मिलती है तो वे अपनी लोकसभा सदस्यता छोड़ देंगी.

  • आवास व शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर भी चुनाव में अपने दोनों बेटों को मैदान में उतारने की कोशिश कर रहे हैं. किशोर के बड़े बेटे विकास और छोटे बेटे प्रभात क्रमश: मलिहाबाद और सिधौली से चुनाव लड़ना चाहते हैं.

  • सलेमपुर लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद रवींद्र कुशवाहा भाटपर रानी विधानसभा सीट से अपने छोटे भाई जयनाथ कुशवाहा के लिए टिकट मांग रहे हैं. इस सीट से फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष विधायक हैं.

  • केंद्रीय कानून राज्य मंत्री और आगरा से सांसद एसपी सिंह बघेल चाहते हैं कि उनकी पत्नी टूंडला से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें. वह खुद टूंडला से विधायक रह चुके हैं. भाजपा के प्रेमपाल सिंह धनगर यहां के मौजूदा विधायक हैं, जिन्होंने सपा के महाराज सिंह धनगर को हराकर सीट जीती थी.

  • राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र देवरिया सीट से अपने बेटे अमित मिश्रा को चुनाव लड़वाने की तैयारी कर रहे हैं. कलराज मिश्र खुद देवरिया संसदीय सीट से सांसद रह चुके हैं. देवरिया की सीट ब्राह्मण बहुल सीट मानी जाती है.

  • बिहार के राज्यपाल फागू चौहान को मऊ की मधुबन विधानसभा सीट से अपने बेटे रामविलास चौहान को टिकट मिलने की उम्मीद है. भाजपा ने 2017 में पहली बार मधुबन सीट जीती थी, जब दारा सिंह चौहान ने पार्टी से चुनाव लड़ा था.

  • बीजेपी सांसद सत्यदेव पचौरी बेटे अनूप पचौरी को कानपुर की गोविंदनगर सीट से टिकट देने की मांग कर रहे हैं.

  • यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित बेटे दिलीप दीक्षित को उन्नाव की पुरवा सीट से टिकट देने की मांग कर रहे हैं.

  • यूपी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बेटे सुब्रत शाही पाथरदेव सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं और सूर्य प्रताप खुद देवरिया सदर से चुनाव लड़ना चाहते हैं.