उमर अब्दुल्ला की फाइल तस्वीर
- 'विलय पर चर्चा किए बगैर जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्ज पर बहस नहीं हो सकती'
- 'जो संगठन इस मुद्दे को उछाल रहे हैं, वो आग से खेल रहे हैं'
- 'कश्मीर समस्या के स्थायी हल के लिए पाक के साथ सकारात्मक संपर्क जरूरी'
नई दिल्ली:
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि राज्य को मिले विशेष दर्जे पर बहस की मांग कर रहे लोग 'आग से खेल रहे हैं', क्योंकि यह मुद्दा राज्य के भारत में विलय से संबंधित है. उनका यह बयान उस वक्त आया है जब अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से कहा कि एनडीए सरकार अनुच्छेद 356 पर 'व्यापक बहस' चाहती है.
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उमर ने कहा, 'विलय पर चर्चा किए बिना आप जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे पर बहस कर सकते हैं? आप नहीं कर सकते. ये एक ही सिक्के दो पहलू हैं. विशेष दर्जे के साथ जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ विलय हुआ था.' उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझने की जरूरत है कि जो संगठन इस मुद्दे को उछाल रहे हैं, वो 'आग से खेल रहे' हैं.'
VIDEO : फारूक अब्दुल्ला के बयान पर विवाद
उमर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस बयान का जिक्र किया. जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी दोस्त बदल सकता है, लेकिन पड़ोसी नहीं बदल सकता. उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए पाकिस्तान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संपर्क जरूरी है.'
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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Omar Abdullah, Jammu Kashmir, Article 356