नई दिल्ली:
सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी की अपील शुक्रवार को खारिज कर दी। इस अपील में उन्होंने डीएनए परीक्षण के लिए रक्त के नमूने जमा कराने का निर्देश देने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने यह आदेश रोहित शेखर की पितृत्व याचिका की सुनवाई के दौरान दिया था। शेखर ने तिवारी का पुत्र होने का दावा किया है। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कानून के प्रश्न पर नोटिस जारी किया। न्यायालय ने कहा कि इस मसले में कई जटिलताएं हैं। न्यायालय ने कहा कि रक्त के नमूनों के आधार पर डीएनए परीक्षण के स्थान पर तिवारी की ओर से सुझाए गए पांच प्रस्ताव अस्वीकार्य हैं। न्यायालय ने कहा कि पहले की सुनवाई में कही गई बात यथावत रहेगी। इससे पहले न्यायालय ने गत 14 मार्च को कहा था कि 85 वर्षीय नेता को डीएनए परीक्षण कराना होगा लेकिन उन्हें रक्त का नमूना देने के स्थान पर विकल्प सुझाने को कहा था।
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