यूपी के चित्रकूट की जेल में शूटआउट, तीन की मौत, जांच के आदेश दिए गए

राज्‍य के चित्रकूट जेल में कैदी ने अपने दो साथियों को गोली मार दी, जिसमें दोनों को मौत हो गई. आधिकारियों ने कैदियों को समर्पण करने के लिए कहा, बाद में अपने बचाव में उसे गोली मारनी पड़ी.

यूपी के चित्रकूट की जेल में शूटआउट, तीन की मौत, जांच के आदेश दिए गए

प्रतीकात्‍मक फोटो

लखनऊ:

उत्‍तर प्रदेश की जेल में हुए शूटआउट में तीन लोगां की मौत हो गई है. जानकारी के अनुसार, राज्‍य के चित्रकूट जेल में एक कैदी ने अपने दो साथियों को गोली मार दी, जिसमें दोनों को मौत हो गई. आधिकारियों ने कैदियों को समर्पण करने के लिए कहा, बाद में आत्‍मरक्षा में उसे गोली मारनी पड़ी. घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. विस्‍तृत जानकारी का इंतजार है. रगौली जेल के जेलर एसपी त्रिपाठी ने बताया कि जेल में बंद कुछ कैदियों के बीच हुई आपसी झड़प के दौरान एक बंदी ने दो कैदियों की गोली मारकर हत्या कर दी, बाद में जेल सुरक्षाकर्मियों ने उसे भी मार गिराया.जेलर त्रिपाठी ने बताया कि अभी फिलहाल जिले के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं. 


एक सवाल के जवाब में जेल अधिकारी ने बताया कि बीच-बचाव करने गए एक सुरक्षाकर्मी का सर्विस रिवाल्वर छीनकर बंदी ने दो कैदियों पर गोली चलाई. उधर, लखनऊ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जेल के अंदर मारे गए तीनों कैदियों में अंशु दीक्षित, मेराजुददीन उर्फ मेराज अली और मुकीम काला शामिल हैं. 

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सूत्रों के मुताबिक दीक्षित ने मेराज अली और मुकीम काला की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि पुलिस द्वारा की गई रक्षात्मक कार्रवाई में अंशु दीक्षित मारा गया. सूत्रों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना के लोगों के पलायन में मुकीम गैंग का नाम आया था जबकि मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को मऊ जिले के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी बताया जाता था. दीक्षित ठेके पर हत्या करने वाला अपराधी था, जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे. मेराज अली पिछली 20 मार्च को जिला जेल बनारस से प्रशासनिक आधार पर चित्रकूट जेल लाया गया था जबकि मुकीम काला को सात मई, 2021 को सहारनपुर जिला जेल से प्रशासनिक आधार पर चित्रकूट जेल में स्थानांतरित किया गया था. पुलिस की सुरक्षात्मक कार्रवाई में मारा गया तीसरा बंदी अंशु दीक्षित प्रशासनिक आधार पर आठ दिसंबर, 2019 को जिला जेल सुलतानपुर से लाकर चित्रकूट जेल में रखा गया था.अधिकारी के मुताबिक चित्रकूट जेल में घटना सुबह दस बजे हुई और दीक्षित ने मेराज और मुकीम को मारने के बाद पांच बंदियों को असलहे का भय दिखाकर अपने कब्जे में लिया था और उन्हें मारने की धमकी दे रहा था. जेल की स्थिति अब नियंत्रण में है.(भाषा से भी इनपुट)