विज्ञापन
This Article is From Sep 07, 2019

कोर्ट में मुकदमें देरी से खत्म होने में पर बंबई होईकोर्ट ने कहा, ऐसा लगता है अदालतों में टाइम मशीन...

भारतीय अदालतों में मुकदमों को समाप्त होने में ज्यादा समय लगने का जिक्र करते हुए बम्बई उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसा लगता है कि अदालतों में 'टाइम मशीन' हैं जहां मामले अनिश्चितकाल तक चलते रहते हैं.

कोर्ट में मुकदमें देरी से खत्म होने में पर बंबई होईकोर्ट ने कहा, ऐसा लगता है अदालतों में टाइम मशीन...
साल 1986 से चले आ रहे एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान बंबई हाईकोर्ट ने दी टिप्पणी
मुंबई:

भारतीय अदालतों में मुकदमों को समाप्त होने में ज्यादा समय लगने का जिक्र करते हुए बम्बई उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसा लगता है कि अदालतों में 'टाइम मशीन' हैं जहां मामले अनिश्चितकाल तक चलते रहते हैं. किराया नियंत्रण अधिनियम से संबंधित एक मामले में अदालत ने शुक्रवार को कहा कि यह मुकदमा 1986 में शुरू हुआ था. इसके बाद कई अपील, आवेदन और याचिकाएं दायर हुईं लेकिन मामला फिर भी नहीं सुलझा, जबकि वास्तविक भू-स्वामी और किरायेदार अब जीवित नहीं रहे हैं. न्यायमूर्ति दामा एस नायडू ने कहा कि कई मामलों में दोनों पक्षों के वादियों की मृत्यु हो जाती है लेकिन मुकदमेबाजी बाद की पीढ़ियों द्वारा की जाती है. 

मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश ताहिलरमानी ने राष्ट्रपति कोविंद को इस्तीफा भेजा

शहर निवासी रुक्मणीबाई द्वारा यह याचिका दायर की गई थी. याचिका में उसने अपनी संपत्ति से कुछ किरायेदारों को बाहर किये जाने का अनुरोध किया था. मामले के दौरान उसकी मौत हो गई और उसके वारिसों ने इस मामले को संभाल लिया. किरायेदारों के खिलाफ 1986 में संपत्ति खाली कराये जाने की कार्रवाई शुरू की गई थी और निचली अदालत तथा उच्च न्यायालय ने संपत्ति मालिकों के पक्ष में फैसला दिया था. साल 2016 में किरायेदारों ने बदली परिस्थितियों का हवाला देते हुए फिर से उच्च न्यायालय का रूख किया था. 

Video: परीक्षाओं के टलते नतीजे और परेशान छात्र

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bombay High Court, Court Situation In India, Cases Pending In Court
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com