राकेश अस्थाना
- अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती पर सुनवाई
- 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
- पिछले साल भी दाखिल की गई थी याचिका
नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई में नंबर-2 राकेश अस्थाना की बतौर स्पेशल डायरेक्टर नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने वकील प्रशांत भूषण से कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 11 दिसंबर को सुनवाई करेगा. याचिका पर सुनवाई चेंबर में होगी. वकील प्रशांत भूषण ने याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. बता दें. अक्टूबर महीने में अस्थाना को सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया था, इसके कुछ घंटों बाद ही सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को भी छुट्टी पर भेज दिया गया. अस्थाना ने आलोक वर्मा पर रिश्वतखोरी का ओराप लगाया था. वहीं वर्मा ने भी अस्थाना पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था.
बता दें, सुप्रीम कोर्ट में पिछले साल भी उनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई थी. 28 नवंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था. कहा था कि अस्थाना सीबीआई के विशेष निदेशक बने रहेंगे. यह याचिका गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज ने दाखिल की थी, जिसकी तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने दलील पेश की थी. याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और एएम सप्रे की पीठ ने की थी. सरकार ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल कोर्ट में पेश हुए थे और उन्होंने इस याचिका का विरोध किया था.
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उस वक्त एनजीओ की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि अस्थाना की नियुक्ति इसलिए गैरकानूनी है क्योंकि आयकर विभाग की एक छापेमारी के दौरान मिली डायरी में उनका नाम सामने आया है. उन्होंने कहा कि डायरी में ऐसा जिक्र है कि अस्थाना को एक कंपनी की ओर से गैरकानूनी फायदा मिला है. और हाल में सीबीआई ने उस आरोपी कंपनी और कुछ सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ धनशोधन संबंधी प्राथमिकी दर्ज की है. इस पर अटॉर्नी जनरल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि सीबीआई की प्राथमिकी में अस्थाना का नाम नहीं है और उनका करियर शानदार रहा है.
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इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि IPS अफसर राकेश अस्थाना को नियुक्ति नियमों के मुताबिक हुई है और उनकी नियुक्ति का सीबीआई के डायरेक्टर ने विरोध भी नहीं किया है.
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बता दें, सुप्रीम कोर्ट में पिछले साल भी उनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई थी. 28 नवंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था. कहा था कि अस्थाना सीबीआई के विशेष निदेशक बने रहेंगे. यह याचिका गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज ने दाखिल की थी, जिसकी तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने दलील पेश की थी. याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और एएम सप्रे की पीठ ने की थी. सरकार ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल कोर्ट में पेश हुए थे और उन्होंने इस याचिका का विरोध किया था.
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