विज्ञापन
This Article is From Oct 27, 2017

कश्मीरी पंडितों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका : हत्या की 215 घटनाओं की जांच की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने रूट्स इन कश्मीर संस्था कि पुनर्विचार याचिका पर इन चैंबर सुनवाई के बाद उसको ख़ारिज कर दिया

कश्मीरी पंडितों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका : हत्या की 215 घटनाओं की जांच की याचिका खारिज
प्रतीकात्मक फोटो
  • कश्मीरी पंडितों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
  • पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया
  • 1989-90 में कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग की थी
नई दिल्ली: कश्मीरी पंडितों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने 'रूट्स इन कश्मीर' नाम की संस्था की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने 1989-90 में कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग की थी.

सरकार ने कश्मीर में पंडितों के पुनर्वास के लिए 100 एकड़ जमीन तलाशी

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने रूट्स इन कश्मीर संस्था कि पुनर्विचार याचिका पर इन चैंबर सुनवाई के बाद उसको ख़ारिज कर दिया. रूट्स इन कश्मीर संस्था ने सुप्रीम कोर्ट के इसी साल 24 जुलाई के कोर्ट के आदेश को चुनोती दी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि 27 साल पहले हुई इस घटना के जांच के आदेश नही दे सकते.

रूट्स इन कश्मीर संस्था ने अपनी पुनर्विचार में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में SIT जांच के आदेश दिए हैं. संस्था ने कहा था कि अगर 33 साल पुराने सिख विरोधी दंगे मामले में कोर्ट सभी मामलों की जांच के बंद मामलों को फिर से खोलने का और जांच के आदेश दे सकता है तो 27 साल पुराने कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामले में क्यों नहीं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 24 जुलाई को रूट्स इन कश्मीर संस्था की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने 1989-90 में कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग की थी.

VIDEO- कब होगी कश्मीरी पंडितों की घर वापसी...?

उस समय तत्कालीन चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि आप 27 साल से कहां थे ? अब इतने सालों बाद इन मामलों में सबूत कैसे मिलेंगे? तब संस्था की तरफ से कहा गया कि संस्था से जुड़े लोग अपनी जान बचा कर भागे थे, लंबे समय तक अपने आप को दोबारा खड़ा करने के लिए संघर्ष करते रहे। हालांकि, बेंच ने इस दलील को मानने से मना कर दिया था.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Kashmiri Pandit
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com