पीएम और गृहमंत्रालय का अफसर बन सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ में रहकर ऐसे ठगे 200 करोड़, FIR में हुआ खुलासा

एफआईआर के मुताबिक- अदिति सिंह ने बताया कि उनके पति शिवेंद्र मोहन सिंह अक्टूबर 2019 से जेल में बंद हैं. उनसे जून 2020 से 2021 तक 200 करोड़ की जबरन वसूली और ठगी हुई. 

पीएम और गृहमंत्रालय का अफसर बन सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ में रहकर ऐसे ठगे 200 करोड़, FIR में हुआ खुलासा

सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ जेल से ऐसे दिया 200 करोड़ की ठगी को अंजाम

नई दिल्ली:

सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ जेल में रहकर 200 करोड़ की ठगी और जबरन वसूली को अंजाम दिया. उसने प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री और कानून मंत्रालय का फ़र्ज़ी अफसर बनकर बात की. स्पूफिंग के जरिये ये बातचीत हुई. पार्टी फंड में 200 करोड़ जमा करने के नाम पर ये ठगी हुई है. 7 अगस्त को स्पेशल सेल के थाने में आईपीसी 170, 384, 386, 388, 419, 420, 506,120B के तहत केस दर्ज हुआ. रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिवेंद्र मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह ने केस दर्ज कराया. एफआईआर के मुताबिक- अदिति सिंह ने बताया कि उनके पति शिवेंद्र मोहन सिंह अक्टूबर 2019 से जेल में बंद हैं. उनसे जून 2020 से 2021 तक 200 करोड़ की जबरन वसूली और ठगी हुई. 

क्या है एफआईआर में

सूत्रों के मुताबिक- उसने बताया कि सबसे पहले एक महिला का फोन आया उसने कहा कि कानून मंत्रालय के सचिव अनूप कुमार आप से बात करेंगे. फिर अगला फोन आया जिसमें अनूप कुमार बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि ऊपर से आपकी मदद करने के लिए आदेश आया है. उन्होंने कहा कि कोविड के समय मे सरकार चाहती है कि आप सरकार के साथ काम करें, क्योंकि आपके पति हेल्थ सेक्टर में रहे हैं. इसके बाद फिर उसी शख्स का फोन आया और उसने कहा कि मैं स्पीकर फोन पर हूं और मेरे साथ ग्रहमंत्री अमित शाह हैं. इसके बाद अनूप का फिर फोन आया. ट्रू कॉलर पर ये नंबर प्रधानमंत्री ऑफिस में सलाहकार पीके मिश्रा का दिखा रहा था. इसके बाद अनूप में कहा कि मेरे जूनियर अभिनव के टच में रहो और मुझे अपने पति के केस से जुड़े सभी दस्तावेज भेजो, जिससे उनकी जेल से जल्दी रिहाई हो और वो कोविड के समय सरकार के साथ काम कर पाएं. इसके बाद अभिनय ने खुद को अनूप का अंडर सेक्रेटरी बताते हुए टेलिग्राम पर संपर्क किया. उसने कहा कि सरकार उसका पूरा सपोर्ट करेगी वो ये बात किसी को न बताये ,क्योंकि उस पर खुफिया एजेसियों की नज़र है. वो इसलिए कि सरकार के बड़े लोग खुद उससे लैंडलाइन से बात कर रहे हैं. अभिनव ने ये भी बताया कि देश के ऐसे कई बड़े कारोबारी घराने उसके प्रोटेक्शन में हैं.

आगे बताया कि धीरे-धीरे अभिनव मेरा विश्वास जीतता गया, उसे हमारे कारोबार और कंपनियों के बारे में पूरी जानकारी थी. शुरुआत में इन लोगों ने कोई पैसा नहीं मांगा, लेकिन एक दिन अनूप का फोन आया उसने कहा कि उसे पार्टी फंड में 20 करोड़ रुपये जमा करने होंगे. उसने कहा कि आगे उसे रविशंकर प्रसाद जी या अमित शाह जी से पार्टी ऑफिस या नार्थ ब्लॉक में मिलना होगा. पहले पैसे विदेश भेजने के लिया कहा गया, लेकिन फिर रोहित नाम का एक लड़का सेडान गाड़ी से एक महिला के साथ आता था और वो कई किस्तों में पैसा ले गया. उसके बाद अनूप ने 30 करोड़ रुपये की मांग और की और कहा कि पार्टी उससे खुश है. ये लोग मुझे डराते थे ,धमकी देते थे इसलिए धीरे-धीरे मैंने अपने गहने, निवेश सब दांव पर लगाकर इनको 200 करोड़ रुपये दे दिए. इसके बाद ये लोग मुझे धमकाते रहे ,विदेश में पढ़ रहे मेरे बच्चों को देख लेने की धमकी देते रहे. 

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ये लोग टेलीग्राम पर मेरे परिवार के दूसरे लोगों से भी बात करने लगे. फिर एक दिन अनूप का फोन आया और उसने कहा कि गृह सचिव अजय भल्ला आपसे बात करेंगे. आपके पति को आपसे जल्दी ही मिलवाया जाएगा. अजय भल्ला ने भी बात की, लेकिन अनूप, अभिनव और अजय भल्ला तीनों से बात करने से ये महसूस हुआ कि ये सब दक्षिणी भारत के हैं. उनकी बातचीत का टोन दक्षिणी भारत की थी. मुझसे आने वाले स्टेट इलेक्शन के लिए 10 करोड़ रुपया और मांगा गया. मुझे इसके बाद समझ में आया कि मेरे साथ जबरन वसूली और ठगी हुई है. मैंने 200 करोड़ से ज्यादा रुपये दिल्ली की 4 लोकेशन पर 30 किश्तों में दिया. इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.