
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कुछ नेताओं द्वारा हाल ही में की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजनीतिक दलों के नेताओं से बलात्कारों का 'मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने से बचने' और महिलाओं का सम्मान करने को कहा।
मोदी ने लोकसभा में कहा, 'मैं हमारे राजनेताओं से अपील करता हूं कि हमें बलात्कारों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण नहीं करना चाहिए... इस प्रकार की बयानबाजी करना शोभा देता है क्या ?... क्या हम मौन नहीं रह सकते? महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सभी लोगों के लिए शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए।'
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा, 'जब भी ऐसी घटना होती है हमें केवल आत्ममंथन नहीं करना चाहिए बल्कि कार्रवाई करनी चाहिए.... हम महिलाओं और बहनों की गरिमा से खेल रहे हैं। लोग और पीड़ित लंबे समय तक इंतजार नहीं करेंगे।' मोदी ने कहा कि आबादी में आधा हिस्सा रखने वाली महिलाओं को विकास में 'सक्रिय भागीदार' बनाना चाहिए।
उनकी यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुई बलात्कार की घटनाओं के संदर्भ में सामने आई। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव उस समय सदन में मौजूद थे।
इसके अलावा उन्होंने पुणे (एक इंजीनियर की हत्या) और मनाली (छात्रों के डूबने) तथा बलात्कार की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, 'यह पीड़ादायक है। हमारी आत्मा हमें माफ नहीं करेगी।'
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