
आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला सहित तीन दोषियों की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला टल गया है.
नई दिल्ली:
आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसले की समीक्षा के लिए शशिकला, सुधाकरन और इलावारसी की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला टल गया है. जस्टिस रोहिंग्टन नरीमन ने इस केस से खुद को अलग कर लिया है.
मंगलवार को शशिकला की ओर से मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा था कि जस्टिस नरीमन को केस से खुद को अलग कर लेना चाहिए क्योंकि उनके पिता जयललिता के लिए पेश हुए थे.
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आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसले की समीक्षा के लिए शशिकला, सुधाकरन और इलावारसी ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी. 14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था. इस फैसले में शशिकला, सुधाकरन और इलावारसी को चार साल की जेल और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
यह भी पढ़ें - जेल में शशिकला को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की खबरों के बीच तस्वीरें और वीडियो आए सामने
हालांकि जयललिता का निधन होने के चलते उनके खिलाफ अपील को खत्म कर दिया गया. 5 दिसंबर 2016 को अन्नाद्रमुक नेता जयललिता का निधन हो गया. शशिकला और तीन अन्य ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसले का हवाला दिया है जिसमें शीर्ष कोर्ट ने पाया था कि भ्रष्टाचार के मामले में एक के खिलाफ अपील को खारिज किया जा सकता है. इसी फैसले को आधार बनाते हुए तीनों का मानना है कि अगर एक के खिलाफ ऐसा हो सकता है, तो अन्य के खिलाफ भी अपील को खत्म किया जाना चाहिए.
VIDEO : शशिकला की जेल में सेवा
इसी मामले का हवाला देते हुए शशिकला और अन्य फैसले की समीक्षा चाहते हैं. ताकि उनके खिलाफ सजा को खत्म किया जाए.
मंगलवार को शशिकला की ओर से मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा था कि जस्टिस नरीमन को केस से खुद को अलग कर लेना चाहिए क्योंकि उनके पिता जयललिता के लिए पेश हुए थे.
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आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसले की समीक्षा के लिए शशिकला, सुधाकरन और इलावारसी ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी. 14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था. इस फैसले में शशिकला, सुधाकरन और इलावारसी को चार साल की जेल और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
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हालांकि जयललिता का निधन होने के चलते उनके खिलाफ अपील को खत्म कर दिया गया. 5 दिसंबर 2016 को अन्नाद्रमुक नेता जयललिता का निधन हो गया. शशिकला और तीन अन्य ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसले का हवाला दिया है जिसमें शीर्ष कोर्ट ने पाया था कि भ्रष्टाचार के मामले में एक के खिलाफ अपील को खारिज किया जा सकता है. इसी फैसले को आधार बनाते हुए तीनों का मानना है कि अगर एक के खिलाफ ऐसा हो सकता है, तो अन्य के खिलाफ भी अपील को खत्म किया जाना चाहिए.
VIDEO : शशिकला की जेल में सेवा
इसी मामले का हवाला देते हुए शशिकला और अन्य फैसले की समीक्षा चाहते हैं. ताकि उनके खिलाफ सजा को खत्म किया जाए.
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