
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 10 माह पुरानी केंद्र सरकार ने राजनीति, प्रशासन और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में भारत की वैश्विक विश्वसनीयता को बहाल किया है और अपनी गतिशीलता के माध्यम से पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान पैदा हुई नीतिगत पंगुता को हटाने का काम किया है।
मोदी ने कहा कि सरकार ने अपनी कई पहलों के जरिये पारदर्शिता, क्षमता और गति के माध्यम से हमारी क्षमता में भरोसा जगाने का काम किया है।
एक अखबार को दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा, ‘अब विश्वास बहाल हो गया है.. प्रशासन, आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्तर पर स्वाभिमान को गति मिली है। आप इसे देख सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि आईएमएफ, ओईसीडी और अन्य वैश्विक संस्थानों ने आने वाले महीनों एवं वर्षों में बेहतर वृद्धि की भविष्यवाणी की है। इस तरह से भारत वैश्विक रडार पर फिर से आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों को अतीत के संदर्भ में देखा जा रहा है।
मोदी ने कहा, ‘किस स्थिति में जनता हमें सत्ता में लाई? और अब क्या स्थिति है? अब क्या किसी तरह की नीतिगत पंगुता है? नहीं। क्या पारदर्शिता से जुड़ा कोई मुद्दा है? नहीं। क्या शासन में कोई ठहराव है? नहीं। इसके बजाय गतिशीलता आ गई है।’
न्यायपालिका से जुड़े मुद्दे पर मोदी ने कहा कि ऐसे उदाहरण हैं, जहां उसकी पहल से अच्छे परिणाम सामने आए हैं और ऐसे भी उदाहण है जहां पीड़ा सामने आई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं न्यायपालिका का विश्लेषण नहीं करना चाहूंगा, विशेषज्ञों को इसे देखना चाहिए।’ तीन दिन पहले मोदी ने कहा था कि न्यायपालिका को फाइव स्टार एक्टिविज्म के प्रति सजग रहना चाहिए।
मोदी ने कहा, ‘हमने कई पहल की है जिसने पारदर्शिता, क्षमता और गति के साथ परिणाम देने की हमारी क्षमता में भरोसा जताने का काम किया है। हम देश के गरीब लोगों के हितों और उनके सशक्तिकरण को देख रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘नेक इरादे के साथ सुशासन हमारी सरकार का प्रतीक है। ईमानदारी के साथ अमल करना हमारी मुख्य अभिलाषा है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोयला और स्पेक्ट्रम की नीलामी से यह बात सिद्ध हुई है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तब पारदर्शिता संभव है। वहीं प्रत्यक्ष नकद अंतर के जरिये एलपीजी सब्सिडी प्रदान करना सरकार की गरीबों की मदद करने की रणनीति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार की दिशा इस वर्ष के बजट में प्रदर्शित हुई है जिसमें रेलवे के लिए भविष्योन्मुखी योजना के साथ बिजली संयंत्रों और उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस प्रदान करने जैसी पहल सरकार की समृद्ध और शक्तिशाली भारत की दृढ़ प्रतिस्पर्धा को रेखांकित करते हैं।
भारत-पाक संबंधों पर मोदी ने कहा कि भारत सभी लंबित मुद्दों पर पाकिस्तान से चर्चा करने को तैयार है लेकिन यह आतंकवाद और हिंसा मुक्त माहौल में होना चाहिए। मोदी ने कहा कि शांति तभी स्थापित की जा सकती है जब माहौल ठीक हो।
उन्होंने कहा, ‘हम आतंकवाद और हिंसा से मुक्त माहौल में पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मामलों पर द्विपक्षीय वार्ता करने को तैयार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इस दिशा में आगे बढ़ने का आधार शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र होना चाहिए।’
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