
नई दिल्ली:
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दोनों सदनों में अपने सभी साथियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि एकजुट होकर देश के सामने मौजूद मुद्दों और चुनौतियों का सामना करें।
खुदरा में एफडीआई को लेकर बढ़ते विरोध और अविश्वास प्रस्ताव के खतरे की पृष्ठभूमि में मनमोहन सिंह ने विपक्ष को भी उसका यह दायित्व याद दिलाया कि मिलकर काम करें और संसदीय लोकतंत्र को देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर पार पाने के लायक बनाएं।
शीतकालीन सत्र के दौरान संसद की भारी विधायी कार्यसूची का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, मैं सदन में अपने साथियों से चाहता हूं कि वह मिलकर उन मुद्दों और चुनौतियों को दूर करें, जिनका सामना हम एक देश के नाते कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सदन के दोनों सदनों में तमाम मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है।
संसद के बाहर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हम सबका एक दायित्व है, विपक्ष में रहते हुए और सरकार में रहते हुए भी कि हम मिलकर काम करें, तो हमारा संसदीय लोकतंत्र, जिसपर हम सबको गर्व है, हमारे देश के सामने आ रही चुनौतियों से निपट सके।
उन्होंने कहा कि देश के सामने आर्थिक मोर्चे पर बहुत सी समस्याएं हैं, जो वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण उपजी हैं। उन्होंने कहा, हमें बड़े पैमाने पर नई नौकरियां पैदा करनी है, ताकि हमारे युवकों को रोजगार मिल सके। हमें आधारभूत ढांचा क्षेत्र और स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी सामाजिक सेवाओं में निवेश बढ़ाना है, ताकि आर्थिक वृद्धि की गाड़ी को रफ्तार मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इन कार्यों के प्रति वचनबद्ध है, लेकिन इसकी सफलता के लिए जरूरी है कि इसे सभी राजनीतिक वर्गों का समग्र समर्थन मिले। उन्होंने कहा, मैं सभी राजनीतिक दलों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।
खुदरा में एफडीआई को लेकर बढ़ते विरोध और अविश्वास प्रस्ताव के खतरे की पृष्ठभूमि में मनमोहन सिंह ने विपक्ष को भी उसका यह दायित्व याद दिलाया कि मिलकर काम करें और संसदीय लोकतंत्र को देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर पार पाने के लायक बनाएं।
शीतकालीन सत्र के दौरान संसद की भारी विधायी कार्यसूची का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, मैं सदन में अपने साथियों से चाहता हूं कि वह मिलकर उन मुद्दों और चुनौतियों को दूर करें, जिनका सामना हम एक देश के नाते कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सदन के दोनों सदनों में तमाम मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है।
संसद के बाहर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हम सबका एक दायित्व है, विपक्ष में रहते हुए और सरकार में रहते हुए भी कि हम मिलकर काम करें, तो हमारा संसदीय लोकतंत्र, जिसपर हम सबको गर्व है, हमारे देश के सामने आ रही चुनौतियों से निपट सके।
उन्होंने कहा कि देश के सामने आर्थिक मोर्चे पर बहुत सी समस्याएं हैं, जो वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण उपजी हैं। उन्होंने कहा, हमें बड़े पैमाने पर नई नौकरियां पैदा करनी है, ताकि हमारे युवकों को रोजगार मिल सके। हमें आधारभूत ढांचा क्षेत्र और स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी सामाजिक सेवाओं में निवेश बढ़ाना है, ताकि आर्थिक वृद्धि की गाड़ी को रफ्तार मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इन कार्यों के प्रति वचनबद्ध है, लेकिन इसकी सफलता के लिए जरूरी है कि इसे सभी राजनीतिक वर्गों का समग्र समर्थन मिले। उन्होंने कहा, मैं सभी राजनीतिक दलों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।
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