- बंगाल की CM ममता बनर्जी ने चुनाव से ठीक पहले चल रहे वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
- उन्होंने कहा पहले चरण में 58 लाख नाम हटाए गए, जिससे लाखों लोग अपनी पहचान साबित नहीं कर पा रहे हैं.
- ममता बनर्जी ने बताया कि SIR के दौरान 150 लोगों की मौत हो चुकी है और यह प्रक्रिया NRC से भी अधिक खतरनाक है.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) को लेकर चल रहा सियासी संग्राम अब दिल्ली तक पहुंच चुका है. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव आयोग की इस एक्ससाइज पर सवाल उठाए. दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉफ्रेंस में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR पर कहा, "पहले फेज में उन्होंने (ECI) 58 लाख नाम हटा दिए, वे पीड़ितों को फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना बचाव करने का कोई मौका भी नहीं दे रहे हैं. सिर्फ 58 लाख नाम एकतरफा हटा दिए गए, हर साल चुनाव आयोग सर्वे करता है और स्पेशल रिवीजन करता है, वह एक अलग सवाल है. ऐसे बहुत से लोग हैं जो ज़िंदा हैं लेकिन उन्हें मरा हुआ दिखाया गया है."
ममता बनर्जी बोलीं- 24 साल बाद चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "मेरा पहला प्वाइंट यह है कि साल 2002 में बंगाल में SIR केस रजिस्टर और प्रोसेस किए गए थे. उसके 24 साल बाद, उसका कोई नामोनिशान नहीं है. चुनाव से ठीक पहले क्यों, क्योंकि यह फरवरी का महीना है, हो सकता है वे नोटिफिकेशन जारी कर दें. 2-3 महीनों के अंदर क्या बिना प्लानिंग, बिना मैपिंग, बिना सही ट्रेनिंग, बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के SIR करना मुमकिन है?..."
मैंने चुनाव आयोग को 6 चिट्ठियां लिखीं, कोई जवाब नहीं आयाः ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा, "आप देख सकते हैं कि जो लोग हमारे पीछे बैठे हैं, वे सभी SIR प्रोसेस के शिकार हैं. मैं लाखों लोगों को ला सकती थी, लेकिन वे यहां 6-7 दिनों से रुके हुए हैं, क्योंकि दिल्ली प्रेस को इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं है कि बंगाल में क्या हो रहा है? यह आपकी गलती नहीं है, यह आजकल सिस्टम की गलती है कि कभी-कभी असली बातें सही तरीके से सामने नहीं आतीं... सभी SIR के शिकार हैं. मैंने चुनाव आयोग को 6 चिट्ठियां लिखीं, फिर भी कोई जवाब नहीं आया..."

बंगाल के आई कई लोगों के साथ ममता बनर्जी ने अपनी बातें रखी.
एसआईआर में अब तक 150 लोग मारे जा चुके हैंः ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि SIR में अब तक 150 लोग मारे जा चुके हैं. ये NRC से भी खतरनाक है. मेरी विधानसभा में 40000 हज़ार लोगों के नाम काट दिए. बीजेपी के क्षेत्रों में कम जबकि टीएमसी के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वोट काटे जा रहे हैं. सीमा खन्ना AI से नाम हटा रहे हैं. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि आपमें ताक़त है तो लोकतांत्रिक तरीक़े से लड़िए.
घुसपैठ के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदारः बंगाल सीएम
बंगाल सीएम ने स्पष्ट किया कि उन्हें SIR से दिक्कत नहीं है. लेकिन चुनाव से ठीक पहले क्यों ? चुनाव के बाद भी तो हो सकता था! और फिर असम में क्यों नहीं हुआ? ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है. बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है. ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है.
घुसपैठियों को लेकर किया जा रहा झूठा प्रचार
बंगाली भाषा बोलने वाले को बांग्लादेशी बताते हैं. क्या एक भी रोहिंग्या मिला? ममता बनर्जी ने आगे कहा कि SIR से दिक्कत नहीं, चुनाव से ठीक पहले बंगाल में लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे है. घुसपैठियों को लेकर झूठा प्रचार किया जा रहा है. बंगाल में लोकतांत्रिक तरीक़े से नहीं लड़ सकते इसलिए टारगेट किया जाता है.
बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग हमसे ताक़त छीन रहा है. हम पीड़ितों के साथ चुनाव आयोग गए लेकिन हमारी नहीं सुनी गई और अपमानित किया. क्या मैं दलित, आदिवासी और मुस्लिमों से बाहर जाने को कह दूँ?
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