यह सही है कि पीएम को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए लेकिन...... : NDTV से बोले राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने इसके साथ ही कहा, 'आम जनता भी इसे ठीक नहीं मानती कि पीएम 130 किमी रोड से जाएं. ये ज़रूरी नहीं था. पीएम अचानक तय कर लें कि अब रोड से चलना है, यूं नहीं होता.'

यह सही है कि पीएम को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए लेकिन...... : NDTV से बोले राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने कहा, सरकारें सड़कों पर चलें, ये हम चाहते हैं लेकिन इमरजेंसी व्यवस्था भी करनी चाहिए

नई दिल्‍ली :

किसान नेता राकेश टिकैत ने पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में कहा है कि यह बात बिल्‍कुल ठीक है कि पीएम को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए थी लेकिन यह भी सही नहीं था कि पीएम 130 किमी रोड से जाएं. NDTV से बात करते हुए टिकैत ने कहा, 'जो कल की घटना है उसमें पंजाब सरकार का कहना है कि कुर्सियां खाली थी इसलिये प्रोग्राम कैंसिल हुए. कुर्सियां खाली तो थी दिख रहा था. दूसरी ओर, बीजेपी कह रही है किसान रास्ते में आये इसलिए प्रोग्राम कैंसिल करना पड़ा. सबको वोट चाहिए, और उसी की तलाश में हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि ये बात बिलकुल ठीक है कि सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए थी. अगर रास्ते में किसान थे तो पंजाब सरकार को उनसे बातचीत करके रास्ते खाली करवाकर आगे जाना चाहिए था.' टिकैत ने कहा कि बात ये है कि पीएम अपनी मर्जी से गए. कुर्सी खाली थी तो किसी न किसी तरह से वापस जाना ही था. पूर्ण रूप से वोट तलाश करने गए थे. मीटिंग कैंसिल थी तो करते. भीड़ नहीं थी तो एक स्‍टंटबाज़ी दिखाने की कोशिश की. इसकी जांच होनी चाहिए और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए

उन्‍होंने कहा कि कल रास्ते का प्रोग्राम नहीं था, वहां प्रोटेस्ट थे. न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP), कमेटी  और कंपंसेसन (मुआवजे) को लेकर प्रदर्शन था. प्रदर्शनकारी किसानों का रास्ता जाम करने का प्रोग्राम नहीं था लेकिन हो सकता है पीएम को आते देखकर यह निर्णय लिया गया. पंजाब सरकार को किसानों से बत करनी चाहिए थी. यदि बात की जाती तो किसान हट जाते. सुरक्षा की बात करते हैं तो हटाना चाहिए. राकेश टिकैत ने इसके साथ ही कहा, 'आम जनता भी इसे ठीक नहीं मानती कि पीएम 130 किमी रोड से जाएं. ये ज़रूरी नहीं था. पीएम अचानक तय कर लें कि अब रोड से चलना है, यूं नहीं होता. वे देश के पीएम हैं किसी एक पार्टी के नहीं. ऐसे कोई प्रोग्राम नहीं होते. 130 किमी का सफर पीएम को नहीं करना था.  सुरक्षा एजेंसी को मना करना था. इमरजेंसी की व्यवस्था भी करनी थी. उन्‍होंने कहा कि दोनों लोग वोट की तलाश में घूम रहे हैं, दोनों लोगों (पक्षों) की गलती है. देश की जनता इसे ठीक नहीं मानती. पीएम को भी सड़क मार्ग से नहीं जाना चाहिए लेकिन यदि चल दिए तो राज्य की जिम्मेदारी भी है.

पीएम के 'जिंदा बच पाया' संबंधी कथित बयान पर टिकैत ने कहा कि पूर्ण रूप से पॉलिटिकल बयान है. उन्हें मारने की साजिश तो नहीं थी. ये नहीं कहना चाहिए. सवाल यह भी है कि इतनी खतरनाक जगह थी तो जाने की क्या ज़रूरत थी?इसमें पूरी जांच होनी चाहिए कि क्यों गए? क्या SPG की रिकमेंडेशन से गए. टिकैत ने कहा कि पाकिस्तान में भी ये बगैर इंफार्मेशन के गए थे. उन्‍होंने कहा कि देश के पीएम कहीं जाते हैं तो सबकी जिम्मेदारी होती है. देश की सरकारें सड़कों पर चलें, ये हम चाहते हैं लेकिन इमरजेंसी व्यवस्था भी करनी चाहिए. 

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एक अन्‍य सवाल के जवाब में टिकैत ने कहा कि पंजाब सरकार ने जानबूझकर ऐसा (सुरक्षा में चूक ) किया, ये बिलकुल नहीं है और अगर  ऐसी इटेंशन है तो ऐसी सरकार नहीं होनी चाहिए. न ही बीजेपी को ऐसे बयान देने चाहिए. मोदी जी देश के पीएम हैं, किसी पार्टी का पीएम मत बनाओ. सुरक्षा चूक मामले के बाद मध्‍य प्रदेश में पीएम की लंबी उम्र के लिए हुआ जाप के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि महामृत्‍युंजय जाप से भी कुछ न कुछ तलाश कर रहे होंगे.वोट की तलाश कर रहे होंगे. ये गलत है, बीजेपी इन चीज़ों की ठेकेदार न बने, बस पार्टी का काम करें.