सचिन पायलट ने आज कैबिनेट की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
- राजस्थान विधायकों की संख्या में बड़ा फासला है. मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच केवल 5 सीटों का अंतर था, राजस्थान में अभी बीजेपी और कांग्रेस के बीच 35 सीटों का अंतर
- सिंधिया की महत्वाकांक्षा मुख्यमंत्री बनने की नहीं थी, सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं
- कमलनाथ और अशोक गहलोत में अंतर. कमलनाथ की सरकार दिग्विजय सिंह चलाते थे. राजस्थान में गहलोत के हाथों में पूरी कमान है.
- मध्य प्रदेश में बीजेपी को सरकार बचाने के लिए 25 में से केवल 9 उपचुनाव जीतने हैं. राजस्थान में सभी उपचुनाव जीतने पड़ेंगे.
- वसुंधरा फैक्टर भी राजस्थान में. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान संगठन की लकीर पर चलने वाले नेता हैं. राजस्थान में बिना वसुंधरा की मर्जी के बीजेपी सचिन के साथ जाने का जोखिम नहीं उठा सकती.
- अगर सचिन के साथ कुछ विधायक आए तो उनको भी समायोजित करना एक बड़ी चुनौती होगी. मध्य प्रदेश में शिवराज 'विष' पीकर शांत हो गए. लेकिन वसुंधरा इतनी आसानी से मान जाएंगी ये नहीं लगता है.
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