
एक ओर जहां विधानसभा अध्यक्ष ने हाईकोर्ट से मिली सचिन पायलट और बागी विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से याचिका को वापस ले लिया है. वहीं 31 जुलाई से सीएम अशोक गहलोत के विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव को राज्यपाल कलराज मिश्र ने एक बार फिर से वापस कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक मिल रही जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने सीएम अशोक गहलोत से 2 सवालों के जवाब मांगे हैं, जिसमें पहला है- क्या आप 'विश्वास प्रस्ताव' लाना चाहते हैं? क्योंकि प्रस्ताव में आपने इसका ज़िक्र नहीं किया जबकि आप पब्लिक और मीडिया में कह रहे हैं कि आप 'विश्वास प्रस्ताव' लाएंगे. दूसरा सवाल है कि कोरोना की वजह से इतने कम समय में सभी विधायकों को विधानसभा सत्र के लिए बुलाना मुश्किल होगा. क्या आप विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर 21 दिन का नोटिस देने पर विचार कर सकते हैं? इसके साथ ही राज्यपाल ने कहा कि अगर आप 'विश्वास प्रस्ताव' लाते हैं तो पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग की जाए और उसका लाइव प्रसारण किया जाए. वहीं ये भी पूछा कि विधानसभा सभा में देह से दूरी का पालन कैसे कराएंगे.
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आपको बता दें कि कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि राज्यपाल जानबूझकर सत्र बुलान में देरी कर रहे हैं उनके ऊपर दबाव है. वहीं बीते हफ्ते भी जब सीएम गहलोत राज्यपाल से मिलकर विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव लेकर गए थे तो उस पर भी कलराज मिश्रा ने कहा था कि सीएम के प्रस्ताव में कोई साफ बात नहीं लिखी है. इसके साथ ही उन्होंने उस समय भी 6 सवाल पूछ डाले थे. दरअसल राज्यपाल की ओर से पूछे गए ये सवाल सीएम गहलोत के लिए एक तरह से पेंच हैं औऱ सीएम गहलोत की ओर से दिए गए जवाब भी आगे राजनीति का रास्ता तय करेंगे.
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वहीं इससे पहले सीएम अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को चेतवानी देते हुए कहा था कि उनको संवैधानिक पद की गरिमा के मुताबिक काम करना चाहिए. कहीं ऐसा न हो तो राजभवन को राजस्थान की जनता घेर ले, तब इस मामले में उनकी जिम्मेदारी नहीं होगी.
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