एनडीटीवी के रवीश कुमार के साथ राहुल गांधी की खास बातचीत.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीटीवी को इंटरव्यू दिया. एनडीटीवी के रवीश कुमार से बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जो विचारधारा देश में नफरत फैला रही है और संविधान पर आक्रमण कर रही है हमारी उससे लड़ाई है. जो आरएसएस की विचारधारा है कि इस देश को एक संगठन को चलाना चाहिए, उससे लड़ाई है. राहुल गांधी ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस को नहीं, बल्कि देश की जनता को लगता है कि हमारी लड़ाई आरएसएस-बीजेपी से है. मैं जहां जाता हूं, वहां यह बात सामने आती है. युवा, किसान, मजदूर सभी लोग परेशान हैं.
जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से रवीश कुमार ने पूछ लिया उनकी डिग्री पर सवाल
पीएम का मेरे प्रति व्यक्तिगत विद्वेष
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि इस देश में जो भी हुआ है, वह प्यार की भावना की वजह से हुआ है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मैं कई निजी कार्यक्रमों में भी मिलता हूं, लेकिन वे ढंग से रिस्पॉन्स नहीं करते हैं. उनका मेरे प्रति व्यक्तिगत विद्वेष है. राहुल गांधी ने कहा कि पांच साल पहले लोग कहते थे कि नरेंद्र मोदी से लड़े कौन, उनसे कांग्रेस लड़ी. यह कोई आसान काम नहीं था, लेकिन हम हर जगह लड़े. संसद से लेकर सड़क.
राहुल गांधी ने रवीश कुमार से कहा, मायावती देश में एक सिंबल, मैं उनका सम्मान करता हूं
23 मई को जनता तय करेगी मेरी भूमिका
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि जब हमारी सरकार थी तो मैंने डॉ. मनमोहन सिंह जी को वादा किया था कि मैं सरकार में दखल नहीं दूंगा. कांग्रेस अध्यक्ष को भी यही कहा था. मैंने पहले ही आश्वस्त कर दिया था कि मैं कांग्रेस को मजबूत करूंगा, मगर सरकार में काम नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि अब 23 मई को जो जनता तय करेगी कि मेरी भूमिका क्या हो. वही करूंगा. अभी कोई फैसला नहीं लिया है.
व्यक्तिगत हमलों से कोई फर्क नहीं पड़ता है
राहुल गांधी(Rahul Gandhi) से जब उनके परिवार पर व्यक्तिगत हमले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं अपने पिता, दादा और दादी की सच्चाई जानता हूं, इसलिये कोई कुछ कहे मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा नामदार के संबोधन पर कहा कि 23 मई को सब तय हो जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी न तो अपने वादों की बात करती है और न ही भविष्य की. नरेंद्र मोदी का समय समाप्त हो गया है. मैं चाहता हूं कि जब किसान के घर जाऊं तो उसकी आवाज बनूं. उन्होंने कहा कि 2-3 प्रतिशत लोग सारा फायदा उठा रहे हैं, यह चिंता का विषय है.
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मेरे पास एमफिल की डिग्री, जब चाहें देख लें
राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने कहा कि मैंने मोदी जी से कहा कि आप तीन घंटे सोते हैं, आइये मेरे साथ बहस कर लीजिये, लेकिन वे सामने नहीं आते हैं. राहुल गांधी ने अपनी डिग्री के सवाल पर कहा कि मेरे पास एमफिल की डिग्री है. जब चाहें तब दिखा सकता हूं. हम रणनीति में विश्वास रखते हैं. जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमनें रणनीतिक तरीके से काम किया. हर बात जनता को नहीं बताई जा सकती है. हमने सोच-समझकर काम किया. मनमोहन सिंह जी ने जो काम 90 के दशक में किया और बाद में किया उसी से देश यहां तक पहुंचा. भाषण से काम नहीं चलता है.
चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं
ईवीएम के मुद्दे पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि ये देखना चुनाव आयोग का काम है. हालांकि मुझे चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं लगती है. पीएम कुछ भी बोलते हैं, उसपर कोई कार्रवाई नहीं करता है. राहुल गांधी ने कहा कि इस बार जानबूझ कर चुनाव की तारीखें इस तरीके से तय की गईं कि भाजपा को फायदा हो.
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सैम पित्रोदा का बयान बिलकुल गलत
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि सैम पित्रोदा ने बिलकुल गलत कहा. मैंने उन्हें कहा कि ऐसा बिलकुल नहीं कहना चाहिए. 1984 के दंगों में जो लोग भी शामिल हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि 1984 के दंगों को लेकर कोई डिबेट नहीं है. वह एक भयंकर ट्रेजडी है. 1984 दंगे में जो भी आरोपी है, उन्हें बुक किया जाना चाहिए.
एक साल में 22 लाख नौकरियां देंगे
राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने कहा कि हमारी कोशिश है कि एक साल में 22 लाख सरकारी नौकरियां दे देंगे. हमारी पूरी कोशिश होगी. हेल्थकेयर में बजट बढ़ाएंगे. बगैर पब्लिक हेल्थ सिस्टम और एजुकेशन सिस्टम के काम नहीं चल सकता है. हेल्थकेयर और एजुकेशन में सरकार की भूमिका बढ़ानी पड़ेगी. हम 2019 के संस्थान बनाना चाहते हैं.
मीडिया विपक्ष के प्रति फेयर नहीं रहा
राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने कहा कि पिछले 5 साल में विपक्ष को मीडिया में फेयर स्पेस नहीं मिला. मीडिया को लेकर एक स्ट्रक्चर बनाने की जरूरत है. राफेल में अगर कानून तोड़ा गया है तो जांच होगी. राफेल मुद्दे को मीडिया उठाती ही नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हमनें उठाया. फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, लेकिन सरकार का पूरा दबाव था. लेकिन दबाव के बावजूद कांग्रेस खड़ी रही. राहुल गांधी ने कहा कि मैं सबसे सीखता हूं. नरेंद्र मोदी और आरएसएस से भी. किसी भी लतीफे और मीम से कोई फर्क नहीं पड़ता है.राहुल गांधी ने कहा कि हम वैसे काम नहीं करते हैं, जैसे पीएम मोदी करते हैं. अगर कहीं कानून तोड़ा गया है तो कानून अपना काम करेगा. चार सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि हमें अपना काम नहीं करने दिया जा रहा है. हम उसी शक्ति से लड़ रहे हैं जो काम नहीं करने दे रहा है.
पीएम मोदी की कम्यूनिकेशन स्किल का फैन
मायावती के हमलों पर राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने कहा कि मुझे मायावती जी देश में एक सिंबल हैं. कांग्रेस के नहीं, बीएसपी के. उन्होंने देश में एक संदेश दिया. मैं उनका आदर करता हूं, सम्मान करता हूं, उनसे प्यार करता हूं. मैं उनके योगदान का सम्मान करता हूं. हर किसी का देश में योगदान है. उन्होंने कहा कि मैं सभी से कुछ न कुछ सीखता हूं. पीएम नरेंद्र मोदी की कम्यूनिकेशन स्किल का कोई जोड़ नहीं है.
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