
अमित शाह (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
राष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा के लिए बीजेपी के तीन सदस्यों की एक समिति बनाई है. इस समिति में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय शहरी विकास और सूचना मंत्री वेंकैया नायडू हैं. ये समिति सभी दलों से बात कर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश करेगी. इससे पहले सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार से शुरू होने वाला अपने अरुणाचल प्रदेश का दौरा टाल दिया है और इसके कारण जुलाई के मध्य में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी टल सकती है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में अमित शाह की उपस्थिति आवश्यक है, क्योंकि भाजपा द्वारा अब किसी भी समय राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का नाम तय करने की प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है. भाजपा अध्यक्ष सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना होने वाले थे. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 17 जुलाई को होगा. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 28 जून है.
इस संबंध में पार्टी के एक नेता ने अमित शाह द्वारा अरुणाचल प्रदेश के दौरे को टालने का कारण बताते हुए कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक बैठक यहां हो सकती है. कांग्रेस, वाम और जदयू सहित अन्य दलों के शीर्ष नेताओं की बातचीत को देखकर लगता है कि विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारेगा. अगर ऐसा होता है तो चुनाव अवश्यंभावी हो जाएंगे.
इसके साथ ही भाजपा नेता ने यह भी कहा कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव हैं, जिसे देखते हुए 15 और 16 जुलाई को आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक की तारीख तब तय की गई थी जब चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया था.
चुनाव आयोग ने 7 जून को राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया. अधिसूचना जारी किए जाने के बाद 14 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और मतगणना 20 जुलाई को होगी.
इस संबंध में पार्टी के एक नेता ने अमित शाह द्वारा अरुणाचल प्रदेश के दौरे को टालने का कारण बताते हुए कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक बैठक यहां हो सकती है. कांग्रेस, वाम और जदयू सहित अन्य दलों के शीर्ष नेताओं की बातचीत को देखकर लगता है कि विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारेगा. अगर ऐसा होता है तो चुनाव अवश्यंभावी हो जाएंगे.
इसके साथ ही भाजपा नेता ने यह भी कहा कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव हैं, जिसे देखते हुए 15 और 16 जुलाई को आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक की तारीख तब तय की गई थी जब चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया था.
चुनाव आयोग ने 7 जून को राष्ट्रपति पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया. अधिसूचना जारी किए जाने के बाद 14 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और मतगणना 20 जुलाई को होगी.
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