New Delhi:
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों ने आंध्र प्रदेश के गैर-तेलंगाना क्षेत्रों के सांसदों को अलग राज्य की मांग के मुद्दे पर धैर्य रखने को कहा और पार्टी नेतृत्व से सतत संवाद करते रहने को कहा। पृथक तेलंगाना के विरोध में अपने अभियान के तहत तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र के कांग्रेस के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटनी, गृह मंत्री पी चिदंबरम और स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से मुलाकात की और इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और कांग्रेस को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जो प्रदेश की अखंडता को प्रभावित करता हो। इससे पहले तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों ने बातचीत के लिए नई दिल्ली आने के आजाद के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, जबकि आजाद के कथित तेलंगाना विरोधी बयानों के विरोध स्वरूप उन्होंने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री की पेशकश ठुकरा दी थी। वे इस सप्ताहांत में दिल्ली आएंगे। हालांकि आजाद ने स्पष्ट किया कि बीजिंग में तेलंगाना पर दिए गए उनके बयान को मीडिया ने गलत तरह से पेश किया।
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