
रायपुर:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर का दौरा कर रहे हैं। बस्तर में बीजेपी कार्यकर्ता इस मौके पर विकास के पैगाम की तरह दिखाना चाहते हैं। शुक्रवार शाम को कई ट्रकों और ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में दूरदराज़ के गांवों से लोग दंतेवाड़ा की ओर जाते दिखे।
एनडीटीवी इंडिया ने इन लोगों से बात की जिन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के लिये कई गांवों से बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को शनिवार को होने वाली जनसभा के लिये ला रहे हैं। प्रधानमंत्री की दंतेवाड़ा यात्रा के दौरान मन की बात कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग भी होनी है और वो यहां बनाई गई एजुकेशन सिटी और लाइवलीहुड कॉलेज में आदिवासी छात्रों से भी मिलेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी करीब 24 हज़ार करोड़ रुपये के दो मेगा प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। जिनमें से एक दंतेवाड़ा के डिलमिली गांव में स्टील प्लांट की शुरुआत करना है। और दूसरा रावघाट-जगदलपुर के बीच 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दूसरे चरण को हरी झंडी देना शामिल है।
उधर कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की रमन सिंह सरकार आदिवासियों की भलाई की आड़ में उद्योगपतियों के लिये बस्तर में रास्ता खोलने आ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, ‘पूरे देश में मोदी जी का विरोध हो रहा है खास तौर से ज़मीन अधिग्रहण कानून में किये जा रहे बदलाव को लेकर। प्रधानमंत्री तब छत्तीसगढ़ नहीं आए जब नसबंदी कार्यक्रम में लापरवाही की वजह से कई महिलाओं की मौत हुई। प्रधानमंत्री हताश औऱ निराश किसानों से मिलने यहां नहीं आए। प्रधानमंत्री तब यहां नहीं आए जब नक्सली हमलों में हमारे जवान मरे लेकिन अभी वह एमओयू साइन करने यहां आ रहे हैं।’
हालांकि बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक बीजेपी नेता ने कहा, ‘डॉ. मनमोहन सिंह 10 साल प्रधानमंत्री रहने के बावजूद बस्तर नहीं आए जबकि मोदी जी पीएम बनने के साल भर के भीतर यहां आ रहे हैं और अपने साथ विकास का एजेंडा ला रहे हैं। उनको काले झंडे दिखाकर कांग्रेस अपनी मानसिकता का परिचय दे रही है।’
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर के बाद राजधानी से लगे नया रायपुर जाने का भी कार्यक्रम था जो उन्होंने कार्यक्रम के लिये तैयार किये गये मंच की छत गिर जाने के बाद सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया है।
एनडीटीवी इंडिया ने इन लोगों से बात की जिन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के लिये कई गांवों से बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को शनिवार को होने वाली जनसभा के लिये ला रहे हैं। प्रधानमंत्री की दंतेवाड़ा यात्रा के दौरान मन की बात कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग भी होनी है और वो यहां बनाई गई एजुकेशन सिटी और लाइवलीहुड कॉलेज में आदिवासी छात्रों से भी मिलेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी करीब 24 हज़ार करोड़ रुपये के दो मेगा प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। जिनमें से एक दंतेवाड़ा के डिलमिली गांव में स्टील प्लांट की शुरुआत करना है। और दूसरा रावघाट-जगदलपुर के बीच 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दूसरे चरण को हरी झंडी देना शामिल है।
उधर कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की रमन सिंह सरकार आदिवासियों की भलाई की आड़ में उद्योगपतियों के लिये बस्तर में रास्ता खोलने आ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, ‘पूरे देश में मोदी जी का विरोध हो रहा है खास तौर से ज़मीन अधिग्रहण कानून में किये जा रहे बदलाव को लेकर। प्रधानमंत्री तब छत्तीसगढ़ नहीं आए जब नसबंदी कार्यक्रम में लापरवाही की वजह से कई महिलाओं की मौत हुई। प्रधानमंत्री हताश औऱ निराश किसानों से मिलने यहां नहीं आए। प्रधानमंत्री तब यहां नहीं आए जब नक्सली हमलों में हमारे जवान मरे लेकिन अभी वह एमओयू साइन करने यहां आ रहे हैं।’
हालांकि बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक बीजेपी नेता ने कहा, ‘डॉ. मनमोहन सिंह 10 साल प्रधानमंत्री रहने के बावजूद बस्तर नहीं आए जबकि मोदी जी पीएम बनने के साल भर के भीतर यहां आ रहे हैं और अपने साथ विकास का एजेंडा ला रहे हैं। उनको काले झंडे दिखाकर कांग्रेस अपनी मानसिकता का परिचय दे रही है।’
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर के बाद राजधानी से लगे नया रायपुर जाने का भी कार्यक्रम था जो उन्होंने कार्यक्रम के लिये तैयार किये गये मंच की छत गिर जाने के बाद सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया है।
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