सुप्रीम कोर्ट.
नई दिल्ली:
एक उम्मीदवार को दो जगहों से चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. केंद्र ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. सुप्रीम कोर्ट जुलाई के पहले हफ्ते में सुनवाई करेगा. वहीं चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 2004, 2016 में हमने इसको लेकर प्रस्ताव दिया था. चुनाव आयोग ने ये प्रस्ताव इसलिए दिया था कि दो जगहों से चुनाव लड़ने के बाद अगर उम्मीदवार दोनो सीट जीतता है तो एक सीट छोड़ना पड़ता है जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता है.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील AG के के वेणुगोपाल को कहा कि वो कोर्ट का सहयोग करे. याचिकाकर्ता का कहना है कि एक आदमी एक वोट की तरह एक कैंडिडेट एक सीट का फॉर्मूले होना चाहिए. लोकतंत्र का यही तकाजा है कि एक कैंडिडेट एक जगह से चुनाव लड़े क्योंकि दो जगहों से चुनाव जीतने के बाद एक सीट खाली करना होता है और उप चुनाव होने पर सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है और ऐसे में जनप्रतिनिधित्व कानून के उस प्रावधान को गैर संवैधानिक घोषित किया जाए जिसके तहत एक कैंडिडेट को दो सीटों से चुनाव लड़ने की इजाजत दी जाती है.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील AG के के वेणुगोपाल को कहा कि वो कोर्ट का सहयोग करे. याचिकाकर्ता का कहना है कि एक आदमी एक वोट की तरह एक कैंडिडेट एक सीट का फॉर्मूले होना चाहिए. लोकतंत्र का यही तकाजा है कि एक कैंडिडेट एक जगह से चुनाव लड़े क्योंकि दो जगहों से चुनाव जीतने के बाद एक सीट खाली करना होता है और उप चुनाव होने पर सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है और ऐसे में जनप्रतिनिधित्व कानून के उस प्रावधान को गैर संवैधानिक घोषित किया जाए जिसके तहत एक कैंडिडेट को दो सीटों से चुनाव लड़ने की इजाजत दी जाती है.
लेखक के बारे में
आशीष भार्गव
Senior Editor – Legal News
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Supreme Court, Election Commission