सरकार पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराए वरना.. : NEET-PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा में आखिरी मौके पर बदलाव से SC नाराज

सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा कि या तो सरकार खुद पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराए वरना कानून के हाथ लंबे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिरी वक्त में परीक्षा पैटर्न में बदलाव तार्किक होना चाहिए. सरकार के कदम से संदेश मिल रहा है कि मेडिकल पेशा एक बिजनेस बन गया है. 

सरकार पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराए वरना.. : NEET-PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा में आखिरी मौके पर बदलाव से SC नाराज

प्रतीकात्‍मक फोटो

नई दिल्‍ली :

NEET-PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा 2021 में आखिरी मौके पर बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर नाराजगी जताई है. केंद्र सरकार के परीक्षा दो महीने टालने के नए प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट ने नामंजूर किया. शीर्ष अदालत ने  केंद्र सरकार को बुधवार को फिर से विचार कर आने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा कि या तो सरकार खुद पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराए वरना कानून के हाथ लंबे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिरी वक्त में परीक्षा पैटर्न में बदलाव तार्किक होना चाहिए. सरकार के कदम से संदेश मिल रहा है कि मेडिकल पेशा एक बिजनेस बन गया है. .मेडिकल शिक्षा एक बिजनेस बन गई है.हम भविष्य के लिए योजना नहीं बनाते, यही समस्या है.आखिरी वक्त में पैटर्न बदलने की जरूरत क्या है? सरकार नया पैटर्न ला सकती है ये उसके डोमैन में है लेकिन ये अगले साल ये लागू हो.

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'आपको उन्हें कुछ समय देने की जरूरत है,  बदलाव करने की क्या जल्दी है? सरकार को छात्रों के लिए कुछ चिंता करनी चाहिए. इन छात्रों ने इतने लंबे समय से तैयारी की है.जिस दिन से वे MBBS में शामिल होते हैं, उनका लक्ष्य सुपरस्पेशलिटी में जाने का होता है.वे लगातार अध्ययन करते हैं और प्रतिबद्ध हैं.अब आप कह रहे हैं कि परीक्षा दो महीने और टाल दी जाए.क्यों दो महीने और बर्बाद होने दें .ये छात्र इतने लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं. ' जब केंद्र की ओर से उपस्थित एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि केवल 41 छात्रों ने याचिका दायर की है जबकि पांच हजार छात्र परीक्षा में बैठते हैं तो जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले लोगों की संख्या कोई मायने नहीं रखती.जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इन 41 के पास कोई विकल्प नहीं है. यह उनके जीवन और करियर का मामला है .उन्हें भी अंततः परीक्षा में शामिल होना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बुधवार तक का समय दिया है.

इससे पहले नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि NEET-PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा 2021 के परीक्षा पैटर्न को छात्रों के लिए अधिक लचीलापन लाने और यह सुनिश्चित करने के लिए बदला गया था कि ये टेस्ट उन पाठ्यक्रमों के आधार पर किया जाए जिन्हें वे पहले से जानते हैं. NBE ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि  संशोधित पैटर्न यह भी सुनिश्चित करेगा कि सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली न रहें. PG  डॉक्टरों को संशोधित पैटर्न के अनुसार तैयारी के लिए अधिक समय देने के लिए, NBE ने परीक्षाओं को दो महीने के लिए टालने का प्रस्ताव दिया है. सुप्रीम कोर्ट से नवंबर 13/14 की बजाए 10-11 जनवरी, 2022 को आयोजित करने की अनुमति मांगी है. पिछली सुनवाई में NEET PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा 2021 (NEET PG Super-Speciality exam 2021) के पाठ्यक्रम में अंतिम समय में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई  थी.अदालत ने केंद्र से कहा था कि युवा डॉक्टरों के साथ 'सत्ता के खेल में फुटबॉल' की तरह बर्ताव बंद हो. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाने और जवाब देने को कहा था.

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