नई दिल्ली:
उच्चतम न्यायालय के फैसले से उत्साहित गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2002 के दंगों के लिए उनकी आलोचना करने वालों पर बरसते हुए ऐलान किया कि वह अपने राज्य में शांति, सौहार्द और एकता के लिए तीन दिन का उपवास करेंगे। मोदी ने नागरिकों के नाम जारी पत्र में कहा, उच्चतम न्यायालय के फैसले से एक बात साफ है। 2002 के दंगों के बाद से आधारहीन और असत्य आरोपों के आधार पर मेरे और मेरी सरकार के खिलाफ जो अस्वस्थ वातावरण बनाया गया, उसका अंत हो गया है। पिछले दस सालों से, मुझे और गुजरात राज्य को बदनाम करना फैशन बन गया था। आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में से एक इस विवादास्पद मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बदनाम करने वाले लोग गुजरात में किसी भी सकारात्मक विकास को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं और ऐसे लोगों ने राज्य को बदनाम करने में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। मोदी ने कहा कि राज्य में सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बढ़ाने की अपनी जिम्मेदारी के तहत वह सद्भावना मिशन शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, इस सद्भावना मिशन के अंतर्गत, मैंने निर्णय किया है कि मैं शनिवार 17 सितंबर से तीन दिवसीय उपवास करूंगा। मेरा उपवास 19 सितंबर को संपन्न होगा। मैं मन से महसूस करता हूं कि इस उपवास से गुजरात में शांति, एकता और सौहार्द का वातावरण और सुदृढ़ होगा।'
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