
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, हम विरासत में मिली पुरानी समस्याओं के समाधान की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की तमाम कामयाबियां गिनाईं और विपक्षी दलों पर चुन-चुनकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि योजनाओं का नाम बदल दिया गया है या नहीं, बल्कि मुद्दा समस्या है, जिसके समाधान की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि देश सरकारें नहीं, जनता बनाती है। सरकारें आती-जाती रहती हैं। पीएम ने कहा, मुद्दा समस्या है, नाम नहीं। स्वच्छता हमारी एक समस्या है, स्वच्छता हमारी मानसिकता से जुड़ी है, स्वच्छता अभियान उद्घाटन का काम नहीं है।
प्रमुख विपक्षी कांग्रेस का नाम लिए बिना उन्हें करारा जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मेरी राजनैतिक सूझबूझ कहती है, मनरेगा कभी बंद मत करो... मैं ऐसी गलती कभी नहीं कर सकता, क्योंकि मनरेगा आपकी विफलताओं का जीता-जागता स्मारक है... आज़ादी के 60 साल बाद आपको लोगों को गड्ढे खोदने के लिए भेजना पड़ा... यह आपकी विफलताओं का स्मारक है, और मैं गाजे-बाजे के साथ इस स्मारक का ढोल पीटता रहूंगा... दुनिया को बताऊंगा, ये गड्ढे जो तुम खोद रहे हो, ये 60 सालों के पापों का परिणाम हैं... इसलिए मेरी राजनैतिक सूझबूझ पर आप शक मत कीजिए... मनरेगा रहेगा, आन-बान-शान के साथ रहेगा, और गाजे-बाजे के साथ दुनिया में बताया जाएगा... हां, एक बात और ज़रूरी है, क्योंकि मैं देशहित के लिए जीता हूं और इसमें (मनरेगा में) से देश का अधिक भला कैसे हो, उन गरीबों का भला कैसे हो, उसके लिए इसमें जो जोड़ना पड़ेगा, हम जोड़ेंगे..."
भ्रष्टाचार पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर हम सब मिल जाएं तो भविष्य में भ्रष्टाचार को मिटा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के दायरे में सब चीजें होनी चाहिए और इसी से समस्याओं का समाधान होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को मुसीबतों से निकालने के रास्ते खोजने होंगे, 'स्वच्छ धरा तो खेत हरा' यह हमारा मंत्र है और 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' हमारा लक्ष्य है। पीएम ने कहा, काले धन की वापसी के रास्ते से हम भटकने और हटने वाले नहीं हैं और कोई बचने वाला नहीं है, लेकिन इसे लेकर बदले की भावना के आरोप न लगाए जाएं।
उन्होंने कहा, हम व्यवस्था का सरलीकरण करके लाल फीताशाही को कम करना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक में किसानों के खिलाफ अगर एक भी चीज है, तो मैं उसे बदलना चाहता हूं। मोदी ने विपक्ष से कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में कमियां दूर करने दें, इसे प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाएं।
पीएम ने कहा कि किसी को धर्म के आधार पर भेदभाव करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, मेरी सरकार का एक ही धर्म 'सबसे पहले भारत', एक ही धर्म ग्रंथ 'भारत का संविधान', एक ही भक्ति 'सवा सौ करोड़ भारतीयों का कल्याण' है।
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