रेलवे स्टेशन के बाद अब मिंटो हॉल का भी नाम बदलेगी शिवराज सरकार, जानिए क्या होगा नया नाम

मिंटो हॉल पुरानी विधानसभा के नाम से भी जानी जाती है. 12 नवंबर 1909 को इसकी नींव रखी गई थी. तत्कालीन नवाब सुल्तानजहां बेगम ने हॉल की नींव वायसराय लॉर्ड मिंटो से रखवाई गई.

रेलवे स्टेशन के बाद अब मिंटो हॉल का भी नाम बदलेगी शिवराज सरकार, जानिए क्या होगा नया नाम

इसकी घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को की

भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के बाद मिंटो हॉल (Minto Hall) का भी नाम बदलने जा रही है. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने शुक्रवार को की. उन्होंने कहा कि भोपाल स्थित मिंटो हॉल का नाम बदलकर कुशाभाव ठाकरे भवन (Kushabhav Thackeray Bhawan) किया जाएगा. इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘असंख्य युवाओं को संस्कारित कर उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व बनाने वाले, भाजपा को बीज से वटवृक्ष बनाने वाले श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के नाम पर अब भोपाल का मिंटो हॉल जाना जायेगा.''

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बता दें कि मिंटो हॉल पुरानी विधानसभा के नाम से भी जानी जाती है. 12 नवंबर 1909 को इसकी नींव रखी गई थी. भारत के तात्कालीन वायसराय लॉर्ड मिंटो साल 1909 में भोपाल आए थे, तब उन्हें राजभवन में रुकवाया गया था, वायसराय वहां की व्यवस्था देखकर काफी नाराज हुए थे. जिसके मद्देनजर तत्कालीन नवाब सुल्तानजहां बेगम ने आनन फानन में एक हॉल बनवाने का निर्णय लिया और इसकी नींव वायसराय लॉर्ड मिंटो से रखवाई गई. जिसके बाद इस हॉल का नाम भी मिंटो हॉल पड़ गया. उस दौर में इसकी लागत तीन लाख रुपए की आई थी. 

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