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This Article is From Dec 04, 2020

ममता बनर्जी ने आंदोलनरत किसानों से फोन पर की बात, एकजुटता का किया वादा

ममता ने दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर मौजूद कुछ किसानों को कॉल कर फोन पर बात की और उन्हें अपना समर्थन दिया. ममता ने एकजुटता दिखाते हुए किसानों की उस मांग से सहमति जताई जिसके तहत वो तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. 

ममता बनर्जी ने आंदोलनरत किसानों से फोन पर की बात, एकजुटता का किया वादा
ममता बनर्जी ने किसानों से की फोन पर बात (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) भी किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर एक्टिव हो गई हैं. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर मौजूद कुछ किसानों को कॉल कर फोन पर बात की और उन्हें अपना समर्थन दिया. मुख्यमंत्री ममता ने एकजुटता दिखाते हुए किसानों की उस मांग से सहमति जताई जिसके तहत वो तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.  ममता ने एकजुटता दिखाने के लिए टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को तृणमूल कांग्रेस की ओर से किसानों के साथ मुलाकात करने के लिए भेजा.               

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने भी सिंघु बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों से मुलाकात की. राज्यसभा सांसद ने यहां पर करीब चार घंटों तक कई किसान संगठनों से मुलाकात की. ममता बनर्जी ने पंजाब और हरियाणा के विभिन्न किसान संगठनों से बातचीत की है. किसानों ने अपनी मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और एकजुटता दिखाने के लिए उनका धन्यवाद किया.  

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी किसान विरोधी कानून को वापस लेने के लिए हो रहे इस आंदोलन के पक्ष में खड़ी रहेगी.

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को अपने ट्वीट में लिखा, "14 साल पहले 4 दिसंबर 2006 को, मैंने कोलकाता में 26 दिन की भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसमें मांग की गई थी कृषि भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है. मैं उन सभी किसानों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करती हूं जो केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं." 

वीडियो: किसान आंदोलन से मुश्किल में दिल्ली!

  

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