भिंड में भीषण सड़क हादसा, बस और कंटेनर की आमने-सामने भिड़ंत, 7 की मौत, कई घायल

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 7,270 करोड़ रुपये का राज्य सहायता कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है ताकि ''भारतीय सड़कों पर शून्य दुर्घटनाओं'' के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिल सके.

भिंड में भीषण सड़क हादसा, बस और कंटेनर की आमने-सामने भिड़ंत, 7 की मौत, कई घायल

मध्य प्रदेश में डंपर से टकराई बस, 7 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत

भोपाल:

मध्य प्रदेश के भिंड ( Bhind Accident) में नेशनल हाइवे 92 पर गोहद चौराहे के पास यात्री बस और कंटेनर में जोड़दार भिड़ंत हो गई. इस भीषण सड़क हादसे में एक महिला सहित 7 लोगों की मौत हो गई, जिसमे 15 लोग घायल हो गए. घायलों में चार की हालत गंभीर होने के कारण ग्वालियर रैफर कर दिया है. फिलहाल पुलिस ने कंटेनर चालक को अरेस्ट कर लिया है. दरअसल, शुक्रवार को बस ग्वालियर से यात्रियों को लेकर भिंड के रास्ते उत्तर प्रदेश के बरेली जा रही थी. बस गोहद चौराह के पास घूम के पूरा के पास पहुंची तभी भिंड से गोहद की तरफ सामने से आ रहे कंटेनर से जा भिड़ी. भिड़ंत इतनी तेज थी कि कंटेनर बस को टक्कर मारते हुए खाई में जा गिरा. 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने सभी घायलों को गोहद अस्पताल भेजा, जिसमें सात मृतकों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया. घायलों में चार कई हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने ग्वालियर रैफर कर दिया. पुलिस ने कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने 7 मृतकों में 4 की पहिचान कर ली गई है, जिसमें मृतक रजत राठौर जिला ग्वालियर, हरेंद्र तोमर जिला इटावा,  हरिओम पटेरिया जिला हरदोई,रानी आदिवासी जो सागर  के रूप में पहचान कर ली गई है. पुलिस ने इनके परिजनों को सूचना दे दी है, जबकि तीन मृतकों की पहचान की जा रही है. घटना के बाद कलेक्टर सतीश कुमार और पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह भी मौके पर पहुंच गए और घटना का जायजा लिया. पुलिस ने इस घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

 बताया जा रहा है कि बस ग्वालियर से बरेली जा रही थी. बता दें कि सड़क हादसों को रोकने के लिए केंद्र सरकार भी योजना बना रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 7,270 करोड़ रुपये का राज्य सहायता कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है ताकि ''भारतीय सड़कों पर शून्य दुर्घटनाओं'' के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिल सके.

 केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित छह वर्षीय कार्यक्रम को उन 14 राज्यों में लागू किया जाएगा जहां देश में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में से 85 प्रतिशत होती हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 3635 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता देगा जबकि विश्व बैंक और एशिया विकास बैंक से 1818-1818 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा.

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कुल राशि में से, 6,725 करोड़ रुपये 14 राज्यों को उनके प्रदर्शन के आधार पर वितरित किए जाएंगे, जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय क्षमता निर्माण गतिविधियों पर 545 करोड़ रुपये खर्च करेगा.राज्य को भेजे गए अवधारणा नोट में मंत्रालय ने कहा कि यह योजना राज्य सरकारों को जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा हस्तक्षेप के लिए प्रोत्साहित करेगी जिसका मकसद सड़क हादसों को रोकना और हताहतों की संख्या में कमी लाना है.इस योजना के तहत लक्षित राज्य उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, हरियाणा और असम है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)