

इस दौरान मंत्री का बेटा जिस गाड़ी में सवार था उसे रोके जाने पर विवाद हुआ। अपने बेटे से जुड़े विवाद पर मंत्री को अपने दफ्तर में एक प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा करना पड़ा। परिवहन मंत्री का दावा है कि विवाद उनके बेटे को गाड़ी न चलाने के बावजूद एंटी ड्रंक एंड ड्राइव मुहीम के तहत जांच के लिए सड़क पर उतारने से हुआ। जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने अपने बेटे का चालान कटवा दिया।
सरकारी काम में खलल डालने और सरकारी अधिकारी को उसकी ड्यूटी निभाने से रोकने के ऐवज में धारा 110 के तहत उन्होंने अपने बेटे को एक हज़ार रुपये का जुर्माना भरने को कहा। जो वह भर चुका है।
जाते-जाते मंत्रीजी यह बताने से भी नहीं चूके कि वे बतौर मंत्री अगर अपने बेटे को नहीं बख्शते तो कोई अन्य कानून का उल्लंघन कर उनसे मदद की उम्मीद न रखें।

इस बीच गाहे बगाहे यह सूचना सोशल मिडिया पर चर्चा में रही की मंत्री के बेटे ने ड्रंक एंड ड्राइव की कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस से हुज्जत की। जिस बात से इनकार करते हुए मंत्री जी कह रहे हैं कि उनके बेटे की पुलिस से ड्रंक एंड ड्राइव मामले में कोई हुज्जत नहीं हुई ही नहीं।
उधर, मुम्बई पुलिस इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
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