
मबाराष्ट्र बीजेपी का मुखपत्र मनोगत।
मुंबई:
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' से लगातार होती टिप्पणी से तंग आकर बीजेपी ने भी अब जवाबी हमला करना तय कर लिया है। इस वजह से मुखपत्रों के बीच का रोचक मुकाबला फिलहाल महाराष्ट्र में देखा जा रहा है। इसके केंद्र में शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे हैं।
'मनोगत' में प्रकाशित हुआ लेख
'मनोगत' अर्थात मन की बात नाम से प्रकाशित होने वाले महाराष्ट्र बीजेपी के मुखपत्र में एक विशेष लेख प्रकाशित हुआ है। महाराष्ट्र में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता माधव भांडारी द्वारा लिखे गए इस लेख का शीर्षक है, ' राउत साहब, तलाक कब लेने वाले हो?' शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने हाल ही में मोदी सरकार को निज़ाम के बाप की सरकार कहा था। इस सन्दर्भ से लिखे लेख में शिवसेना से पूछा गया है कि अगर बीजेपी का साथ इतना ही चुभ रहा है तो शिवसेना उससे कब तलाक लेगी?
...तो अकेले रह जाएंगे उद्धव
माधव भांडारी अपने लेख में शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की तुलना शोले फिल्म के उस जेलर के किरदार से करते हैं जिसे अभिनेता असरानी ने निभाया है। भांडारी लिखते हैं कि, फिल्म शोले में जिस तरह जेलर बने असरानी अपने साथ के सिपाहियों को कहते हैं कि आधे इधर जाओ, आधे उधर और बचे हुए पीछे आओ। इसी तरह अगर शिवसेना मौजूदा स्थिति में बीजेपी से दूर हुई तो तितर-बितर हो जाएगी। जिस तरह असरानी के पीछे कोई सिपाही न बचा वैसे ही शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के पीछे कोई न बचेगा।
शिवसेना की ओछी टिप्पणियों का जवाब
अपने लेख का समर्थन करते हुए माधव भांडारी ने कहा कि, यह लेख अब तक बीजेपी पर हुई ओछी टिप्पणियों का जवाब है। बीजेपी पिछले 2 साल से लगातार शिवसेना के मुखपत्र के जरिए होने वाली टिप्पणियां सुनती आ रही है और अब जवाब देना चाहिए, ऐसी कार्यकर्ताओं की भावना है। लेख उसी का नतीजा है।
इस लेख के जवाब में शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने कहा है कि ऐसे लेख लिखकर खुद की तरफ ध्यान खींचने की कोशिश कुछ नेता कर रहे हैं। वैसे शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि वह आत्मसम्मान गिरवी रख गठबंधन बरकरार नहीं रख सकेगी।
'मनोगत' में प्रकाशित हुआ लेख
'मनोगत' अर्थात मन की बात नाम से प्रकाशित होने वाले महाराष्ट्र बीजेपी के मुखपत्र में एक विशेष लेख प्रकाशित हुआ है। महाराष्ट्र में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता माधव भांडारी द्वारा लिखे गए इस लेख का शीर्षक है, ' राउत साहब, तलाक कब लेने वाले हो?' शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने हाल ही में मोदी सरकार को निज़ाम के बाप की सरकार कहा था। इस सन्दर्भ से लिखे लेख में शिवसेना से पूछा गया है कि अगर बीजेपी का साथ इतना ही चुभ रहा है तो शिवसेना उससे कब तलाक लेगी?
...तो अकेले रह जाएंगे उद्धव
माधव भांडारी अपने लेख में शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की तुलना शोले फिल्म के उस जेलर के किरदार से करते हैं जिसे अभिनेता असरानी ने निभाया है। भांडारी लिखते हैं कि, फिल्म शोले में जिस तरह जेलर बने असरानी अपने साथ के सिपाहियों को कहते हैं कि आधे इधर जाओ, आधे उधर और बचे हुए पीछे आओ। इसी तरह अगर शिवसेना मौजूदा स्थिति में बीजेपी से दूर हुई तो तितर-बितर हो जाएगी। जिस तरह असरानी के पीछे कोई सिपाही न बचा वैसे ही शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के पीछे कोई न बचेगा।
शिवसेना की ओछी टिप्पणियों का जवाब
अपने लेख का समर्थन करते हुए माधव भांडारी ने कहा कि, यह लेख अब तक बीजेपी पर हुई ओछी टिप्पणियों का जवाब है। बीजेपी पिछले 2 साल से लगातार शिवसेना के मुखपत्र के जरिए होने वाली टिप्पणियां सुनती आ रही है और अब जवाब देना चाहिए, ऐसी कार्यकर्ताओं की भावना है। लेख उसी का नतीजा है।
इस लेख के जवाब में शिवसेना प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने कहा है कि ऐसे लेख लिखकर खुद की तरफ ध्यान खींचने की कोशिश कुछ नेता कर रहे हैं। वैसे शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि वह आत्मसम्मान गिरवी रख गठबंधन बरकरार नहीं रख सकेगी।
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