चेन्नई:
तमिलनाडु में 2,000 मेगावॉट की कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना (केएनपीपी) बंद करने की मांग को लेकर दोबारा शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वहीं, संयंत्र के भीतर बेहद कम संख्या में कर्मचारी रखरखाव के काम में जुटे हैं। प्रदर्शनकारियों के संगठन कोस्टल पीपुल्स फेडरेशन के संयोजक एम. पुष्पारायन ने आईएएनएस को बताया, "कुडनकुलम के नजदीक तिरुनेलवेली जिले के इदिंथाकराई गांव में 1,000 से अधिक लोग क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं। आज (बुधवार को) थोमैयापुरम गांव के लोग विरोधस्वरूप भूख हड़ताल पर हैं।" उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में मछुआरे भी पहुंच रहे हैं। मद्रास विश्वविद्यालय में अपराध विज्ञान विभाग के छात्रों ने भी प्रदर्शन में भागीदारी की पुष्टि की है। उनके अनुसार, विरोधस्वरूप गांव में बसें भी नहीं चल रही हैं। इस बीच, यहां निर्माण कार्य करवा रही न्यूक्लियर बिजली कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने प्रदर्शनकारियों के इस आरोप से इंकार किया है कि वह रिएक्टर में ईंधन भरने का काम कर रही है। एनपीसीआईएल के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "इससे पहले कई और काम करने हैं। इसके बाद हमें नियामक संस्थाओं से इसकी मंजूरी लेनी होगी।" उन्होंने कहा, "संयंत्र के भीतर अधिकारियों एवं सहयोगियों सहित केवल 100 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।"
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