
मॉनसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को लोकसभा में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 'कश्मीर में हालात निराशाजनक हैं। पहले अंहिसा हमारा मूलमंत्र होता था, लेकिन इस सरकार ने कश्मीर में यूपीए की दस साल की मेहनत को खराब कर दिया है। सरकार को भविष्य बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक और सांसद गैर जिम्मेदाराना बयान देते हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, जिससे लगता है कि कहीं ध्रवीकरण इस सरकार का एजेंडा तो नहीं है? सरकार नागरिकों पर भी हथियार इस्तेमाल कर रही है।'
पिछले दो सालों में कश्मीर की स्थिति निराशाजनक हुई : सिंधिया
नियम 193 के तहत लोकसभा में 'कश्मीर घाटी में हाल में हुई हिंसा से राज्य में लोगों की शांति और सुरक्षा के लिए उत्पन्न खतरे से संबंधित स्थिति' के बारे में चर्चा की शुरुआत करते हुए सिंधिया ने कहा कि 'जब भी राष्ट्रहित, देश की एकता और अखंडता की आती है तो पूरा देश एक ही स्वर में बोलता है, लेकिन पिछले दो सालों में कश्मीर की स्थिति निराशाजनक हो चुकी है।'
आतंकवादी विदेशी ताकतों के विरुद्ध यह सरकार पूरी तरह विफल साबित : ज्योतिरादित्य
उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में घुसपैठ में 65 प्रतिशत वृद्धि हुई। आतंकवादी विदेशी ताकतों के विरुद्ध यह सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई। पंपोर घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? जब वैन में जवान चल रहे थे तो आगे सुरक्षा वाहन क्यों नहीं चल रहा था। यूपीए ने कितने कदम उठाए हैं, वहां अमन का वातावरण बनाने के लिए ताकि वहां विकास हो। वहां जो हो रहा है उसकी केंद्र ने जिम्मेदारी नहीं ली, सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डाली है।
पीएम ने कश्मीर पर एक शब्द भी नहीं कहा : कांग्रेस नेता
सिंधिया ने कहा कि विकास के प्रति इस सरकार का रुझान ही नहीं है। क्या यह सरकार आतंकवादी और आम नागरिक को एक ही नजर से देखेगी। क्या पैलेट गन वह आम आदमी पर भी चलाएगी। पीएम मोदी इस पूरे घटनाक्रम में विदेश दौरे पर थे। इस दौरे के दौरान उन्होंने अपने मंत्री को बधाई दी, फ्रांस हमलों की भर्त्सना की थी, लेकिन कश्मीर पर एक शब्द भी नहीं कहा। पीएम विदेश में बैठक ड्रम बजा रहे हैं। हालांकि आकर उन्होंने बैठक की थी, लेकिन उसमें कहीं भी कश्मीर की जनता को लेकर कोई बात नहीं हुई। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि कहां गई वो 'मन की बात'।
सेना पर दबाव का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता : अनुराग का पलटवार
बीजेपी के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि जिस व्यक्ति से भारत की सुरक्षा को खतरा हो और सुरक्षाबलों ने जिसे मार गिराया हो उसके लिए तो उन्हें बधाई देनी चाहिए, लेकिन उसके बाद जो हालात खड़े हुए उससे कई प्रश्न उठते हैं। सेना पर जो दबाव होता है उसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
पिछली सरकार में पथराव की घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार था : ठाकुर
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में पथराव की घटनाएं होती थीं, उसके लिए कौन जिम्मेदार था? कश्मीर के लिए बलिदान श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया था। यूपीए की सरकार से तीन गुना ज्यादा पैकेज कश्मीर को मोदी सरकार ने दिया है। जो पिछले 60 सालों में नहीं हुआ, वह 6 सालों में होगा। पैलेटगन किसके खिलाफ उठाई जाती है, हम भी नहीं चाहते यह उठाई जाए, जब कोई आपकी पुलिस चौकी पर हमला करे, पथराव करे तो आप क्या करेंगे।
गौरतलब है कि सत्र के पहले दिन भी कश्मीर का मुद्दा ज़ोर-शोर से उठा था। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने घाटी के हालात पर चिंता जताई थी। आज़ाद ने कहा था कि घाटी के ताज़ा हालात चिंताजनक हैं। आज़ाद ने राज्य सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ नरमी से पेश आने की अपील की थी। इस बीच सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग हालात का जायज़ा लेने कश्मीर जा रहे हैं।
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