
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने सोमवार कहा कि उनकी सरकार सेना से विचार विमर्श करने के बाद ही सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) को चरणबद्ध तरीके से हटाने के मामले में आगे बढ़ेगी, क्योंकि सेना ने इसे लेकर आशंकाएं जतायी हैं।
मुफ्ती ने कहा कि वह सशस्त्र बलों को अभियोजन से राहत दिलवाने वाले अफ्सपा को एक बार मे ही नहीं हटा सकते, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि इसे चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर से अफ्सपा हटाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने विधान परिषद में कहा, 'कुछ क्षेत्रों को अशांत क्षेत्र कानून के दायरे से बाहर किया जाएगा। चरणबद्ध प्रक्रिया के जरिए, मैं इसे एकबारगी में नहीं कर सकता, लेकिन मैं इसे करूंगा।' मुफ्ती ने कहा कि इस कदम को लेकर आशंका रखने वाली सेना के साथ इस निर्णय के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा।
मुफ्ती ने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विधान परिषद में कहा, 'मैं इसे उनके (सेना के) साथ विचार विमर्श से करूंगा और उनकी सहमति लेने के बाद करूंगा।' उन्होंने कहा, 'मैं यह कहना चाहता हूं कि उन्हें (सेना को) आशंकाएं हैं। मैं एकदम से छलांग नहीं लगा सकता। अच्छी तरह से विचार विमर्श करने के बाद हम यह देखेंगे कि हम किस तरह रास्ता निकाल पाएंगे।'
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