
अस्पताल में इलाज करा रहे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से मुलाकात पर आज रोक लगा दी गई. रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने एक आदेश जारी कर 20 अप्रैल को लालू यादव से लोगों के मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया. इस पर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए बीजेपी (BJP) सरकार को चेतावनी दी है.
रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने आदेश में लिखा है कि 'एतद् द्वारा सूचित किया जाता है कि विधि-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए आज दिनांक 20.04.2019 को सजायाफ्ता बंदी श्री लालू प्रसाद यादव का मुलाकात बंद रहेगा.' सामान्य तौर पर प्रत्येक शनिवार को लोग लालू प्रसाद से मुलाकात कर सकते हैं लेकिन इस बार उन्हें किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है.
जेल अधीक्षक के उक्त आदेश के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने नाराजगी जताई और सरकार को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि 'अस्पताल में उपचाराधीन आदरणीय लालू जी विधि सम्मत हर शनिवार तीन व्यक्तियों से मिल सकते हैं लेकिन तानाशाही भाजपाई सरकार ने इस पर भी रोक लगा दी है. मेरे बेटे को भी नहीं मिलने दिया. ये जहरीले लोग लालू जी के साथ साज़िश कर उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. उनकी जान को खतरा है. अगर गरीब-गुरबा सड़क पर उतर गया तो अंजाम बुरा होगा.'

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव को नौ सौ करोड़ रूपए से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. ये मामले 1990 के दशक में, जब झारखंड बिहार का हिस्सा था. यह धोखे से पशुपालन विभाग के खजाने से धन निकालने से संबंधित हैं. लालू प्रसाद ने उच्च न्यायालय में जमानत के लिए अपनी उम्र और गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा था कि वह मधुमेह, रक्तचाप और कई अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें चारा घोटाले से संबंधित एक मामले में पहले ही जमानत मिल गई थी.
VIDEO : लालू को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी जमानत
राजद सुप्रीमो को झारखंड में स्थित देवघर, दुमका और चाईबासा के दो कोषागारों से छल से धन निकालने के अपराध में दोषी ठहराया गया है. इस समय उन पर दोरांदा कोषागार से धन निकाले जाने से संबंधित मामले में मुकदमा चल रहा है.
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