New Delhi:
गुजरात दंगों से जुड़े 2002 के कई अहम रिकॉर्ड्स नष्ट किए जा चुके हैं। नानावटी आयोग की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने यह बात मानी है। यह बात उस वक्त सामने आई जब आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट गुजारत दंगों की जांच कर रहे नानावती आयोग के सामने पेश हुए। सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने खुद यह माना कि पुलिस के फोन कॉल और लॉग बुक गायब हैं। गुजरात सरकार के वकील एसबी वकील का कहना है कि 2007 में वह सब रिकॉर्ड्स नष्ट हो चुक हैं। लेकिन केस से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी तो 2002 के दंगों की जांच चल रही है और इससे जांच पर काफी बुरा असर पड़ेगा। इससे सुप्रीम कोर्ट भी दंगों की तह तक नहीं पहुंच पाएगी। कहा जा रहा है कि वही रिकॉर्ड्स केस में अहम सबूत बन सकते थे। जनसंघर्ष मंच के वकील मुकुल सिन्हा का कहना है कि जब तमाम कानूनी कार्रवाई जारी है और ऐसे में रिकॉर्ड्स को नष्ट करना गैरकानूनी है। अब चारों ओर यह प्रश्न है कि क्या यह रिकॉर्ड्स जानबूझकर नष्ट करवाए गए या प्रक्रिया का हिस्सा मात्र था।
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