अहमदाबाद:
गुजरात गृह विभाग ने राज्य में 2002 के दंगों से संबंधित खुफिया ब्यूरो के रिकार्ड के नष्ट होने के मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि सभी जरूरी रिकार्ड सही-सलामत और मौजूद हैं। विभाग कहना है कि सिर्फ कुछ रिकार्ड या डाटा, जो अस्थायी प्रकृति के थे या जिन्हें नियमों के मुताबिक पांच या 10 साल में नष्ट करने के लिए चुना गया था, वही नष्ट किए गए हैं। दंगों की जांच कर रहे नानावटी आयोग के समक्ष राज्य सरकार का प्रतिनिधत्व करने वाले वरिष्ठ सलाहकार एसबी वकील ने पिछले माह संवाददाताओं को बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार टेलीफोन रिकार्ड, अधिकारियों की गतिविधि रजिस्टर और दंगों से संबंधित राज्य खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) की व्हीकल लाग बुक को वर्ष 2007 में नष्ट कर दिया गया। गृह विभाग के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 2002 के दंगों के एसआईबी के संचार संबंधी रिकार्डों को स्थायी प्रकृति के तौर पर वर्गीकृत किया गया और नष्ट नहीं किया गया है तथा यह मौजूद है। उन्होंने कहा, इन रिकार्डों को हमेशा के लिए सुरक्षित रखा गया है...अन्य रिकार्ड जो अस्थाई प्रकृति के हैं, या माने जाते हैं, उन्हें वर्गीकरण के हिसाब से एक वर्ष, पांच वर्ष, 10 वर्ष या 30 वर्ष में नष्ट किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि लगता है अधिवक्ता वकील गलत बोल गए या गलत समझ बैठे।
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