हरियाणा में साथियों की रिहाई के बाद किसानों का धरना खत्म, पर BJP-JJP नेताओं का विरोध जारी रहेगा

हरियाणा (Haryana Farmers Protest) के फतेहाबाद स्थित टोहाना (Tohana Farmers Protest) में साथियों की रिहाई के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है.

हरियाणा में साथियों की रिहाई के बाद किसानों का धरना खत्म, पर BJP-JJP नेताओं का विरोध जारी रहेगा

किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • हरियाणा में किसानों का धरना खत्म
  • प्रशासन ने किसानों को किया रिहा
  • BJP-JJP नेताओं का करेंगे विरोध
टोहाना:

हरियाणा (Haryana Farmers Protest) के फतेहाबाद स्थित टोहाना (Tohana Farmers Protest) में साथियों की रिहाई के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. टोहाना पुलिस स्टेशन के बाहर किसान प्रदर्शन कर रहे थे. किसानों के सख्त रुख को देखते हुए हरियाणा प्रशासन ने तीसरे किसान मक्खन सिंह को भी रिहा कर दिया है. दरअसल किसानों ने बुधवार रात यहां जननायक जनता पार्टी (JJP) के विधायक देवेंद्र सिंह बबली के आवास का घेराव करने की कोशिश की थी. जिसके बाद किसानों के एक समूह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. पुलिस ने घटना के सिलसिले में विकास सिसार, रवि आजाद और मक्खन सिंह को गिरफ्तार किया था.

टोहाना पुलिस स्टेशन के बाहर किसानों के धरने का आज तीसरा दिन था. हजारों की संख्या में किसान अवैध तरीके से गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज किए केस को रद्द करने की मांग कर रहे थे. 6 और 7 जून की दरमियानी रात संयुक्त किसान मोर्चा के कई नेता किसानों संग धरने पर बैठे.

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किसानों ने साथियों की रिहाई की मांग करते हुए राज्य के सभी थानों का घेराव करने का ऐलान किया था. जिसके बाद प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए. रातोंरात विकास सिसार और रवि आजाद को रिहा कर दिया गया. जिसके बाद किसानों ने थाने के घेराव का कार्यक्रम रद्द कर दिया. सोमवार को मक्खन सिंह को भी रिहा कर दिया गया. FIR रद्द कर दी गई है.

इस मामले में 4 जून को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने ऐलान किया कि सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों (व्यक्तिगत कार्यक्रम जैसे- शादी, अंतिम संस्कार नहीं) में BJP-JJP नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा. नेताओं ने कहा कि इन नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक होगा. काले झंडे और नारेबाजी की जाएगी लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा का इसमें कोई स्थान नहीं होगा.

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किसान नेताओं ने बताया कि कृषि कानूनों के खिलाफ सभी धरनास्थल पर 9 जून को शहीद बांदा सिंह बहादुर का शहीदी दिवस मनाया जाएगा. उस दिन कई राज्यों के किसान दिल्ली बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर पहुंचेंगे और बांदा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

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