
विमान में 300 से अधिक यात्री सवार थे।
मुंबई:
दुबई से माले जा रहे एमीरेट्स एयरलाइन के विमान ईके-652 की मंगलवार दोपहर मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। यह बोइंग 777/300 विमान था। इमरजेंसी लैंडिंग की वजह विमान से निकलता धुंआ बताया गया। यात्रियों और क्रू के सदस्यों सहित विमान में 319 लोग सवार थे।
दोपहर 2 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित की गई और इस विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए जरूरी इंतजाम किए गए। दोपहर 3 बजे विमान रनवे नंबर 9 पर सुरक्षित लैंड कर गया। मुंबई एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक विमान पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित थे। हालांकि विमान से धुंआ निकलने का कारण फिलहाल पता नही चल पाया है। प्राथमिक तौर पर बताया पर गया कि धुआं विमान के कॉकपिट से निकल रहा था।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में मुबंई एयरपोर्ट विमान के पास भी था और एक बड़ा एयरपोर्ट होने के वजह से यह इमरजेंसी लैंडिंग के लिए उपयुक्त विकल्प था, इसीलिए इस विमान को यहां उतारा गया। सभी संभव परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट किया गया था और कोस्ट गार्ड ने अपने जहाज़ समंदर में भेज दिए थे।
अक्सर इस तरह की इमरजेंसी लैंडिंग बड़े एयरपोर्ट पर की जाती है, क्योंकि वहां ऐसी स्थिति को संभालने के लिए इंतजाम होते हैं। जब भी एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की जाती है, तो सभी विभाग अलर्ट हो जाते हैं। इमरजेंसी का अलार्म बजाकर पूरे एयरपोर्ट को सतर्क कर दिया जाता है। अग्निशमन की गाड़ियां, एंबुलेंस और इमरजेंसी से जुड़ी तैयारियां बड़े पैमाने पर की जाती हैं।
लैंडिंग के बाद विमान में मौजूद सभी लोगों को उतार लेने के बाद विमान की जांच की गई। जांच के बाद विमान को टेक ऑफ के लिए उपयुक्त घोषित किया गया और मंगलवार शाम करीब 7 बजे विमान सभी यात्रियों को लेकर टेक ऑफ़ कर गया।
दोपहर 2 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित की गई और इस विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए जरूरी इंतजाम किए गए। दोपहर 3 बजे विमान रनवे नंबर 9 पर सुरक्षित लैंड कर गया। मुंबई एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक विमान पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित थे। हालांकि विमान से धुंआ निकलने का कारण फिलहाल पता नही चल पाया है। प्राथमिक तौर पर बताया पर गया कि धुआं विमान के कॉकपिट से निकल रहा था।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में मुबंई एयरपोर्ट विमान के पास भी था और एक बड़ा एयरपोर्ट होने के वजह से यह इमरजेंसी लैंडिंग के लिए उपयुक्त विकल्प था, इसीलिए इस विमान को यहां उतारा गया। सभी संभव परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट किया गया था और कोस्ट गार्ड ने अपने जहाज़ समंदर में भेज दिए थे।
अक्सर इस तरह की इमरजेंसी लैंडिंग बड़े एयरपोर्ट पर की जाती है, क्योंकि वहां ऐसी स्थिति को संभालने के लिए इंतजाम होते हैं। जब भी एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की जाती है, तो सभी विभाग अलर्ट हो जाते हैं। इमरजेंसी का अलार्म बजाकर पूरे एयरपोर्ट को सतर्क कर दिया जाता है। अग्निशमन की गाड़ियां, एंबुलेंस और इमरजेंसी से जुड़ी तैयारियां बड़े पैमाने पर की जाती हैं।
लैंडिंग के बाद विमान में मौजूद सभी लोगों को उतार लेने के बाद विमान की जांच की गई। जांच के बाद विमान को टेक ऑफ के लिए उपयुक्त घोषित किया गया और मंगलवार शाम करीब 7 बजे विमान सभी यात्रियों को लेकर टेक ऑफ़ कर गया।
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