अंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा के लिए दिल्ली में स्पेशल सेल का गठन, ऐसे करेगा काम 

दिल्ली महिला आयोग की मौजूदा टोल फ्री हेल्पलाइन 181 ही इस स्पेशल सेल की 24 घंटे की हेल्पलाइन के तौर पर काम करेगी. जहां अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले ऐसे जोड़े जो संकट में हैं वो अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

अंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा के लिए दिल्ली में स्पेशल सेल का गठन, ऐसे करेगा काम 

अंतरजातीय विवाह के जोड़ों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन भी जारी किये गये.

नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने अंतरजातीय या अंतरधार्मिक विवाह (Inter caste or Interreligious marriages) करने वाले जोड़ों और ऐसे कुंवारे जोड़े जिनके रिश्तों का विरोध उनका परिवार, स्थानीय समुदाय या खाप कर रहा है, उनको उत्पीड़न से बचाने के लिये और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए स्पेशल सेल (special cell for protection inter-religious marriages) गठित करने का निर्देश जारी किया है. इससे संबंधित SOP जारी कर दी गई हैं. दिल्ली सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि सरकार ऐसे जोड़ों को अपने ‘सेफ हाउस' में आवास मुहैया कराएगी जिनके रिश्तों का उनके परिवार,  स्थानीय समुदाय या खाप विरोध कर रहे हैं. 

UP NEWS: अंतरजातीय संबंधों की वजह से दलित युवक को बंधक बनाकर पहले पीटा, फिर जिंदा जलाया, सदमे में मां ने भी तोड़ा दम

दिल्ली महिला आयोग (Delhi Women's Commission) की मौजूदा टोल फ्री हेल्पलाइन 181 ही इस स्पेशल सेल की 24 घंटे की हेल्पलाइन के तौर पर काम करेगी. जहां अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले ऐसे जोड़े जो संकट में हैं वो अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसी हेल्पलाइन से उन्हें ज़रूरी सहायता भी दी जायेगी.  इस हेल्पलाइन को संभालने वाले टेलीकॉलर्स संकट बताने वाली कॉल्स के प्रबंधन में प्रशिक्षित किया गया है. साथ ही उन्हें उन जरूरी सेवाओं की जानकारी है जो संकट का सामना कर रहे ऐसे जोड़ों को मदद या सलाह के रूप में उपलब्ध कराई जा सकती हैं. हालांकि जरूरत पड़ने पर इन टेलीकॉलर्स को ऐसी कॉल का प्रबंधन करने के लिए और प्रशिक्षित किया जा सकता है. 

इसके लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑफिस पहले ही दिल्ली महिला आयोग के सुपरविजन में उपलब्ध है. इन मामलों में कॉलर्स की गोपनीयता वैसे ही बरती जायेगी जैसे संकट में पड़ी महिलाओं की गोपनीयता रखी जाती है.  कॉल रिसीव होने के बाद सबसे पहले ये सुनिश्चित किया जायेगा कि लड़का और लड़की बालिग हैं या नहीं. इसके बाद इलाके के DCP को इसकी सूचना दी जायेगी. DCP ही स्पेशल सेल के प्रमुख के तौर पर काम करेंगे. 

'लव जेहाद' पर BJP का दोहरा खेल, एक तरफ सम्मान तो दूसरी तरफ कड़े कानून का ढोंग: दिग्विजय सिंह का हमला

सम्बंधित जोड़े से शिकायत लेकर उस पर जांच शुरू की जायेगी. DCP सारे तथ्य संबंधित जिलाधिकारी के संज्ञान में लाएंगे और सेफ हाउस में जाने के लिए जोड़े की जरूरत डीएम को बताएंगे. जोड़े को PSO के रूप में पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और सेफ हाउस की सुरक्षा भी संबंधित डीसीपी द्वारा की जाएगी. जोड़े को खतरे के बारे में बताया जायेगा और किसी भी स्तिथि में समस्या का समाधान होने से पहले उन्हें उजागर नहीं किया जायेगा. 

अगर जोड़ा सेफ हाउस में नहीं रहना चाहता है तो स्पेशल सेल उन्हें उनके रहने के स्थान पर थ्रेट परसेप्शन के आधार पर सुरक्षा मुहैया कराएगा. दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली के किंग्सवे कैंप में सरकारी आवासीय क्षेत्र को सेफ हाउस के तौर पर स्थापित किया है, जिसमें 2 कमरे एक टॉयलेट और एक किचन है. इसमें अधिकतम तीन जोड़े रह सकते हैं.

Video : हम लोग : जाति है कि जाती नहीं...


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com