नई दिल्ली:
- आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी मनाई जाती. इसी दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी. इसलिए विजया दशमी को आसुरी शक्तियों पर देवता की विजय के रूप में मनाया जाता है. शस्त्र पूजा के साथ लड़ाकू राफेल (Rafale Aircraft) के अधिग्रहण के पीछे शायद यही धारणा होगी कि यह विमान भारत की ओर आंख उठाने वाली हर ताकत को नेस्तनाबूद करने में देश के सैन्य बल के लिए अहम साबित होगा.
- बताया जाता है कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में इस लड़ाकू विमान के शामिल होने पर देश की सामरिक ताकत बढ़ेगी और दक्षिण एशिया में जहां पाकिस्तान का हमेशा शत्रुता का बर्ताव रहा है वह आंख उठाकर देखने की हिमाकत नहीं करेगा. रक्षा विशेषज्ञों की माने तो राफेल की क्षमता के समान पाकिस्तान के पास अब तक कोई विमान नहीं है.
- सेवानिवृत्त एयर मार्शल एम. मथेश्वरण ने बताया, "पाकिस्तान के पास मल्टी रोल विमान एफ-16 है. लेकिन वह वैसा ही है जैसा भारत का मिराज-2000 है. पाकिस्तान के पास राफेल जैसा कोई विमान नहीं है."
- फ्रांस, मिस्र और कतर के बाद भारत चौथा देश होगा जिसके आकाश में राफेल विमान उड़ान भरेगा.
- राफेल 4.5वीं पीढ़ी का विमान है जिसमें राडार से बच निकलने की युक्ति है. इससे भारतीय वायुसेना (आईएएफ) में आमूलचूल बदलाव होगा क्योंकि वायुसेना के पास अब तक के विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई या तो तीसरी पीढ़ी या चौथी पीढ़ी के विमान हैं.
- पीटीआई के मुताबिक राजनाथ सिंह मंगलवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रो के साथ बैठक करेंगे और बोर्डोक्स में वह पहला राफेल जेट विमान प्राप्त करेंगे
- सिंह ने सोमवार को पेरिस पहुंचने पर ट्वीट किया, ‘‘ फ्रांस पहुंचकर खुशी हुई. यह महान देश भारत का अहम सामरिक साझेदार है और हमारा विशेष संबंध औपचारिक संबंधों के क्षेत्र से परे जाता है. फ्रांस की मेरी यात्रा का लक्ष्य दोनों देशों के बीच के वर्तमान सामरिक साझेदारी का विस्तार करना है.''
- फ्रांस की राजधानी में एल्सी पैलेस में मैंक्रो के साथ भेंटवार्ता के बाद सिंह दक्षिण पश्चिमी फ्रांसीसी शहर बोर्डोक्स जायेंगे जहां वह भारतीय वायुसेना द्वारा खरीदे गये पहले राफेल लड़ाकू जेट को सौंपे जाने के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
- भारत ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये मूल्य पर 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था.
- वैसे तो सिंह मंगलवार को 36 राफेल जेट विमानों में पहला विमान मंगलवार को प्राप्त कर लेंगे लेकिन चार विमानों का पहला खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगा. सभी 36 राफेल जेट विमान सितंबर, 2022 तक भारत पहुंचने की संभावना है. उसके लिए भारतीय वायुसेना जरूरी बुनियादी ढांचा तैयारी करने और पायलटों को प्रशिक्षण देने समेत जरूरी तैयारियां कथित रूप से कर रही है.
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Rajnath Singh, Rafale Fighter Jets