रोजाना 200 किसानों का जंतर-मंतर जाने का रास्ता साफ, अर्धसैनिक बलों की 5 कंपनियां होंगी तैनात

सूत्रों के मुताबिक, किसान सुबह 10 बजकर  30 मिनट पर जंतर-मंतर पहुंचेंगे, जहां उन्हें चर्च साइड की तरफ  शांतिपूर्ण तरीके से बैठाया जाएगा. जंतर-मंतर और किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की 5 कंपनियां  वहां तैनात की जाएंगी.

रोजाना 200 किसानों का जंतर-मंतर जाने का रास्ता साफ, अर्धसैनिक बलों की 5 कंपनियां होंगी तैनात

22 जुलाई से प्रत्येक दिन 200 किसान पहचान पत्र लगाकर सिंघू सीमा से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के लिए जाएंगे.

नई दिल्ली:

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) के बीच अब किसानों के जंतर-मंतर आने का रास्ता साफ हो गया है. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब 200 के आसपास किसान कल बसों के जरिये जंतर- मंतर आएंगे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. किसानों की बस पुलिस निगरानी में ही जंतर-मंतर पहुंचेगी. भीड़ और किसानों के आंदोलन को देखते हुए जंतर-मंतर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन के लिए परमिशन को लेकर अब तक कुछ नहीं कहा है.

सूत्रों के मुताबिक, किसान सुबह 10 बजकर  30 मिनट पर जंतर-मंतर पहुंचेंगे, जहां उन्हें चर्च साइड की तरफ  शांतिपूर्ण तरीके से बैठाया जाएगा. जंतर-मंतर और किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की 5 कंपनियां  वहां तैनात की जाएंगी. सूत्रों ने बताया कि सभी का पहचान पत्र चेक करने के बाद ही उन्हें बैरिकेड के अंदर जाने दिया जाएगा. शाम 5:00 बजे किसान अपना प्रदर्शन खत्म कर वापस सिंघु बॉर्डर लौट जाएंगे. 

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इससे पहले किसान यूनियन के एक नेता ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा था कि किसान कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और कोई भी प्रदर्शनकारी संसद नहीं जाएगा जहां मानसून सत्र चल रहा है. राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने बताया कि 22 जुलाई से प्रत्येक दिन 200 किसान पहचान पत्र लगाकर सिंघू सीमा से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के लिए जाएंगे.


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केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे 40 से अधिक किसान यूनियन के संयुक्त निकाय संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने योजना बनाई थी कि 22 जुलाई से हर दिन लगभग 200 किसान मानसून सत्र के दौरान संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे. संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ और 13 अगस्त को समाप्त होगा.