मल्टीपल वेरियंट और डबल म्यूटेंट स्ट्रेन के खिलाफ भी असरदार है 'कोवैक्‍सीन' : ICMR स्‍टडी

ऐसे समय जब देश में कोरोना के मामलों की संख्‍या तेजी से खतरनाक ढंग से बढ़ी है, सरकार का ध्‍यान देश के ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाने पर केंद्रित है.

मल्टीपल वेरियंट और डबल म्यूटेंट स्ट्रेन के खिलाफ भी असरदार है 'कोवैक्‍सीन' : ICMR स्‍टडी

Covaxin स्‍वदेश में निर्मित कोरोना वैक्‍सीन है

खास बातें

  • स्‍वदेश में निर्मित कोरोना वैक्‍सीन है कोवैक्‍सीन
  • ICMR और भारत बायोटेक ने विकसित किया है
  • मार्च में कंपनी ने कोवैक्‍सीन की 1.5 करोड़ का उत्‍पादन किया था `
नई दिल्ली:

Covaxin: कोविड महामारी के दौरान परेशान कर देने वाली खबरों के बीच मामूली राहत इस बात से महसूस की जा सकती है कि मल्टीपल वेरियंट और डबल म्यूटेंट स्ट्रेन पर कोरोना की वैक्‍सीन 'कोवैक्सीन' असरदार है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की स्टडी में यह निष्‍कर्ष निकाला गया है. ICMR की ओर से एक ट्वीट में कहा गया है कि स्‍टडी बताती है कि कोवैक्‍सीन SARS-CoV-2 के मल्‍टी वेरिएंट और डबल म्‍यूटेंट स्‍ट्रेन (double mutants)के खिलाफ भी कारगर है.गौरतलब है कि Covaxin स्‍वदेश में निर्मित कोरोना वैक्‍सीन है और इसे आईसीएमआर और भारत बायोटेक ने विकसित किया है. ऐसे समय जब देश में कोरोना के मामलों की संख्‍या तेजी से खतरनाक ढंग से बढ़ी है, सरकार का ध्‍यान देश के ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाने पर केंद्रित है.

कोरोनावायरस: बेवजह घूमने वालों पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों को भेजा जा रहा अस्थाई जेल

ऑक्सीजन का अभूतपूर्व संकट : जनवरी, 2020 के मुकाबले 700 फीसदी बढ़ा ऑक्सीजन का निर्यात

गौरतलब है कि कोवैक्‍सीन स्‍वदेश में निर्मित कोरोना वैक्‍सीन है और इसे आईसीएमआर और भारत बायोटेक ने विकसित किया है. ऐसे समय जब देश में कोरोना के मामलों की संख्‍या तेजी से खतरनाक ढंग से बढ़ी है, सरकार का ध्‍यान देश के ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाने पर केंद्रित है. कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण 1 मई से प्रारंभ होगा और इसमें 18 या इससे अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा. देश में टीकाकरण अभियान को समर्थन देने के लिए भारत बायोटेक अगले महीने कोविड-19 टीके ‘कोवैक्‍सीन' की तीन करोड़ खुराक का उत्पादन करेगी. कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने यह जानकारी दी. मार्च में कंपनी ने कोवैक्‍सीन की 1.5 करोड़ खुराक का उत्पादन किया था. वैक्सीन विनिर्माता ने बयान में कहा कि उसने कोवैक्‍सीन की सालाना उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 70 करोड़ खुराक कर लिया है. एल्ला का यह बयान ऐसे समय आया है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन विनिर्माताओं से टीके का उत्पादन बढ़ाने को कहा है, जिसमें कम से कम समय में सभी भारतीयों का टीकाकरण किया जा सके. सरकार ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया तथा भारत बायोटेक को भविष्य में आपूर्ति बढ़ाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान करने की भी अनु


मति दी है. एल्ला ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी बेंगलुरु में दो नए वैक्सीन संयंत्रों को शुरू करने जा रही है. कंपनी ने शुरुआत में एक संयंत्र से उत्पादन शुरू किया था. अब कंपनी के हैदराबाद में चार संयंत्र परिचालन में हैं. उन्‍होंने कहा, ‘‘पिछले महीने हमने डेढ़ करोड़ खुराक का उत्पादन किया था. इस महीने हम दो करोड़ खुराक का उत्पादन कर रहे हैं. अगले महीने हम तीन करोड़ खुराक का उत्पादन करेंगे. उसके बाद सात से साढ़े सात करोड़ खुराक का उत्पादन किया जाएगा.'' (भाषा से भी इनपुट)

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


'रेमडेसिवीर कोई जादुई दवा नहीं' कोरोना काल में दवाओं की किल्लत पर एम्स डॉक्टर