- भारत में कोरोना की दूसरी लहर
- ज्यादा घातक है दूसरी लहर
- तेजी से बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के वैज्ञानिकों ने अपने पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए एक गणितीय मॉडल के आधार पर अब कहा है कि भारत में COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान उपचाराधीन मामलों की संख्या 14 से 18 मई के बीच चरम पर पहुंचकर 38-48 लाख हो सकती है और चार से आठ मई के बीच संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या 4.4 लाख तक के आंकड़े को छू सकती है. भारत में सोमवार को संक्रमण के 3,52,991 नए मामले सामने आए तथा महामारी से 2,812 और लोगों ने दम तोड़ दिया. इसके साथ ही देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 28,13,658 हो गई.
आईआईटी कानपुर और हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने ‘सूत्र' नाम के मॉडल का इस्तेमाल करते हुए कहा कि मई के मध्य तक उपचाराधीन मामलों की संख्या में 10 लाख से अधिक तक की वृद्धि हो सकती है. नए पूर्वानुमान में समयसीमा और मामलों की संख्या में सुधार किया गया है.
-
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: भारत की Growth Story पर निखिल कामत का नजरिया, AI को लेकर क्या दी चेतावनी? -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: क्या AI इस जमाने का असुर है? स्वामी सर्वप्रियानं ने क्या कहा? -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब
टीके की कमी नहीं होने का दावा खोखला और झूठा है, केंद्र पर बरसे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम
पिछले सप्ताह, अनुसंधानकर्ताओं ने पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि महामारी 11 से 15 मई के बीच चरम पर पहुंच सकती है और उपचाराधीन मामलों की संख्या 33-35 लाख तक हो सकती है तथा मई के अंत तक इसमें तेजी से कमी आएगी.
इस महीने के शुरू में, वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि देश में 15 अप्रैल तक उपचाराधीन मामलों की संख्या चरम पर होगी, लेकिन यह बात सच साबित नहीं हुई.
आईआईटी-कानपुर में कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल ने कहा, ‘‘इस बार, मैंने पूर्वानुमान आंकड़े के लिए न्यूनतम और अधिकतम संगणना भी की है. मुझे विश्वास है कि वास्तविक आंकड़ा उल्लिखित न्यूनतम और अधिकतम आंकड़े के बीच होगा.''
विश्व में 95 करोड़ को लगा कोरोना का टीका, 10 बड़े प्रभावित देशों में भारत की रफ्तार सबसे धीमी
अग्रवाल ने रविवार को उपचाराधीन मामलों और नए मामलों के चरम पर पहुंचने के पूवार्नुमान संबंधी नए आंकड़े ट्विटर पर साझा किए. उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘चरम पर पहुंचने का समय : उपचाराधीन मामलों के लिए 14-18 मई और संक्रमण के दैनिक मामलों के लिए 4-8 मई. चरम पर पहुंचने के आंकड़े: 38-48 लाख उपचाराधीन मामले और 3.4 से 4.4 लाख दैनिक नए मामले.'' अग्रवाल ने यह भी उल्लेख किया कि यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम आंकड़ा क्या होगा. अभी यह अध्ययन रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई है.
वैज्ञानिकों ने कहा कि ‘सूत्र' मॉडल में कई विशिष्टताएं हैं. गौतम मेनन और हरियाणा स्थित अशोका विश्वविद्यालय की उनकी टीम ने एक स्वतंत्र गणना में पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि कोविड-19 की मौजूदा लहर मध्य अप्रैल से मध्य मई तक के बीच अपने चरम पर पहुंच सकती है. मेनन ने यह भी आगाह किया कि कोविड-19 से संबंधित इस तरह के पूर्वानुमानों पर केवल अल्पकालिक अवधि में ही विश्वास किया जाना चाहिए.
VIDEO: 1 मई से 18 साल से ऊपर के लोगों को टीका, इसलिए जरूरी है वैक्सीन
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं