सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा- जजों को अपनी आजादी बनाए रखने के लिए मौन रहना चाहिए

सीजेआई रंजन गोगोई ने मीडिया को इंटरव्यू देने के मुद्दे पर बयान दिया.

सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा- जजों को अपनी आजादी बनाए रखने के लिए मौन रहना चाहिए

सीजेआई रंजन गोगोई

खास बातें

  • कड़वा सच यादों में रहना चाहिए:रंजन गोगोई
  • जजों को अपनी आजादी बनाए रखने के लिए मौन रहना चाहिए: गोगोई
  • प्रेस मेरे कार्यकाल के दौरान दयालु रहा:गोगोई
नई दिल्ली:

सीजेआई रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने मीडिया को इंटरव्यू देने के मुद्दे पर बयान दिया. उन्होंने कहा, 'जबकि वकीलों को बोलने की स्वतंत्रता है, बेंच को स्वतंत्रता का प्रयोग करते समय मौन बनाए रखने के लिए न्यायाधीशों की आवश्यकता होती है. कड़वा सच यादों में रहना चाहिए. मैंने एक ऐसे संस्थान से ताल्लुक रखा है जिसकी ताकत जनता के भरोसे और विश्वास में है. जजों को अपनी आजादी बनाए रखने के लिए मौन रहना चाहिए. इसका मतलब ये नहीं कि वो बोलेंगे नहीं लेकिन उन्हें कार्य से संबंधी जरूरतों पर चुप रहना चाहिए. सीजेआई ने कहा, 'प्रेस मेरे कार्यकाल के दौरान मेरे कार्यालय और संस्थान के लिए दयालु रहा है.'

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला केस को 7 जजों की संविधान बेंच के पास भेजा

उन्होंने कहा, 'संस्थान के लिए कठोर समय में प्रेस के सदस्यों ने झूठी खबरों को रोकने के लिए परिपक्वता और विवेक का प्रदर्शन किया. मैं एक-एक से मीटिंग में शामिल होने में असमर्थ हूं, जिसे उम्मीद है कि आप स्वीकार करेंगे. यह हमारे संस्थान और जजों  की आवश्यकता नहीं है कि वो प्रेस के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचें. बल्कि, ऐसे मामलों को असाधारण स्थिति का प्रतीक होना चाहिए जो इस मानदंड के अपवाद होते हैं.'


अयोध्या मामले पर बांग्लादेश में वायरल हो रहा है 'CJI को लिखा PM मोदी का फेक लेटर'

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


बता दें कि सीजेआई गोगोई आज शाम वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हाईकोर्ट और निचली अदालतों से बात करेंगे. 650 हाईकोर्ट के जजों और 16500 न्यायिक अधिकारियों को गोगोई संबोधित करेंगे. सीजेआई इस संबोधन के जरिए कड़ी मेहनत का संदेश देने की कोशिश करेंगे जिससे जल्द न्याय दिया जा सके.