New Delhi:
चीन ने जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों को नत्थी वीजा देने की अपनी दो साल पुरानी प्रवृत्ति को समाप्त करने का संकेत देते हुए कहा कि वह लोगों की यात्रा से संबंधित मुद्दों के हल के लिए भारत के साथ काम करने का इच्छुक है। भारत में चीन के राजदूत झांग यान ने संवाददाताओं से कहा, आप गहराई से देख सकते हैं और स्वयं ही निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या चीन ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले लोगों को नत्थी वीजा देने की अपनी प्रवृत्ति में ढील दी है। झांग ने कहा कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बीजिंग में इस मुद्दे पर पहले ही टिप्पणी कर चुके हैं और वह उसमें कुछ और जोड़ना नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा, हम लोगों के एक-दूसरे के यहां आने जाने से संबंधित सभी मुद्दों के हल के लिए भारत के साथ काम करने के इच्छुक हैं। यह हमारा आम नजरिया है, जो हमारे इरादों का संकेत देता है। उच्च स्तरीय रक्षा विनिमय बहाल करने के बारे में झांग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह आदान-प्रदान फिर से शुरू होगा। भारत में चीन के राजदूत ने कहा, मुझे यह जानकर बेहद खुशी है कि दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से हम रक्षा क्षेत्र में अपना सहयोग जारी रखेंगे। बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी होंग ली ने मंगलवार को कहा था कि चीन, लोगों के एक-दूसरे के यहां आने जाने से जुड़े विवाद का उचित समाधान करने के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार है।
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चीन, नत्थी वीजा, जम्मू-कश्मीर