विज्ञापन
This Article is From Nov 09, 2019

अयोध्या: पुनर्विचार याचिका दायर करने को लेकर मुस्लिम नेताओं और संगठनों की अलग-अलग राय

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने के संकेत दिए हैं.

अयोध्या: पुनर्विचार याचिका दायर करने को लेकर मुस्लिम नेताओं और संगठनों की अलग-अलग राय
जफरयाब जिलानी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसला को असंतोषजनक करार दिया
नई दिल्ली:

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने के संकेत दिए हैं, लेकिन कई दूसरे प्रमुख मुस्लिम नेताओं और संगठनों का कहना है कि इस विषय पर आगे अपील की जरूरत नहीं है. इस बहुचर्चित मामले पर शीर्ष अदालत का फैसला आने के कुछ देर बाद ही मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव और वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि फैसला संतोषजनक नहीं है और आगे वकीलों के साथ और संगठन की कार्य समिति की बैठक में विचार-विमर्श करके पुनर्विचार याचिका पर फैसला होगा. उन्होंने यह भी कहा, 'ऐसा लगता है कि पुनर्विचार याचिका की जरूरत पड़ेगी.'

सुनवाई के बाद सीट से उठते ही भूल जाता हूं अदालत की बातें : जस्टिस बोबडे

पर्सनल लॉ बोर्ड के इस रुख को AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायलय के फैसले को 'तथ्यों पर विश्वास की जीत' करार दिया है. हैदराबाद के सांसद ने शीर्ष अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. दूसरी तरफ, रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के अहम पक्षकार रहे सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश ने इस मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए शनिवार को कहा कि वह इस फैसले को चुनौती नहीं देगा. बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारुकी ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं और बोर्ड का इस फैसले को चुनौती देने का कोई विचार नहीं है. 

चीफ जस्टिस गोगोई की पीठ इस सप्ताह राफेल सहित चार अहम मामलों में फैसला सुनाएगी

इसी तरह, सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद की पैरोकारी कर रहे प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी पुनर्विचार याचिका दायर करने के पक्ष में नहीं है. जमीयत से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, 'इस मामले में हमने पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी, लेकिन फैसला उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. देश की सबसे बड़ी अदालत ने फैसला दिया है. अब जमीयत की राय है कि इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने की जरूरत नहीं है.' पुनर्विचार याचिका पर 'ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत' के अध्यक्ष नवेद हामिद ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दायर करने या नहीं करने का फैसला 'सावधानी के साथ' करना चाहिए. 

अयोध्या में कैसा बनेगा राम मंदिर? जानिए कौन हैं इसकी डिजाइन बनाने वाले आर्किटेक्ट

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी पुनर्विचार याचिका दायर करने के खिलाफ राय जाहिर की. उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले को अब आगे नहीं बढ़ाना चाहिए और उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की जरूरत नहीं है. देश के एक अन्य मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम इंजीनियर ने कहा कि पुनर्विचार याचिका पर पर्सनल लॉ बोर्ड जो भी फैसला करेगा, हम उसका समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा, 'इस फैसले से हम संतुष्ट नहीं है. हमें लगता है कि इंसाफ नहीं हुआ है। अब आगे पर्सनल लॉ बोर्ड जो भी फैसला करेगा, जमात-ए-इस्लामी उसका समर्थन करेगी.'

अयोध्या फैसला: आडवाणी ने कहा- मंदिर निर्माण के लिए रास्ता खुलने से धन्य महसूस कर रहा हूं

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को सर्वसम्मति के फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया और केन्द्र को निर्देश दिया कि नई मस्जिद के निर्माण के लिये सुन्नी वक्फ बोर्ड को प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ का भूखंड आवंटित किया जाए.  CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान बेंच ने इस व्यवस्था के साथ ही राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील 134 साल से भी अधिक पुराने इस विवाद का पटाक्षेप कर दिया. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Review Petition, Waqf Board, Ayodhya Verdict
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com