फाइल फोटो
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल उनके दुश्मन नहीं हैं और वह उनसे बात करने को तैयार हैं।
अन्ना ने संवाददाताओं से कहा, "हम दुश्मन नहीं हैं। मुझे नहीं पता वह मुझसे बात करना चाहते हैं। मैं अरविंद केजरीवाल से बात करने को तैयार हूं।"
केजरीवाल को लिखे अपने पत्र पर स्पष्टीकरण देते हुए हजारे ने कहा, "मुझे बताया गया था कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दौरान मेरे नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए थे, जिनकी बिक्री से कोष एकत्र जुटाए गए। इससे मेरा कोई संबंध नहीं है।"
हजारे ने कहा, "मैंने महसूस किया कि मेरे नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है, इसलिए मैंने पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा। पैसों में मेरी कोई रुचि नहीं है, केवल मेरे नाम का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।"
अन्ना ने अपने गांव रालेगण सिद्धी में मीडिया से बातचीत में अब कहा कि मेरे नाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। आम आदमी पार्टी क्यों दावा कर रही है कि 29 दिसंबर को दिल्ली में अन्ना के जनलोकपाल बिल को लागू किया जाएगा।
इसके अलावा अन्ना ने उनके नाम पर जारी किए गए सिम कार्ड को भी फिर से उठाया है। अन्ना ने अरविंद केजरीवाल की तरफ से पार्टी के कामकाज के लिए रखे गए पदाधिकारियों को दिए गए वेतन पर भी सवाल दागा है।
वहीं अरविंद केजरीवाल ने आज कहा है कि उन्होंने अपने गुरु (अन्ना) से बात करने की कई बार कोशिश की है, लेकिन बीच के कुछ आदमियों ने ऐसा नहीं होने दिया। अन्ना पर केजरीवाल ने सफाई देते हुए कहा है कि अन्ना को गुमराह करने के पीछे कांग्रेस और बीजेपी का हाथ है।
उधर, अन्ना के उठाए गए सवालों का जवाब लेकर रालेगणसिद्धी गए कुमार विश्वास ने कहा कि अन्ना के पास दिल्ली से कुछ गलत पोस्टर पहुंचाए गए, जिससे पूरा विवाद सामने आया। उन्होंने कहा कि यह किसी षडयंत्र का हिस्सा है। अन्ना जल्द ही अरविंद केजरीवाल से बात भी करेंगे।
वहीं अरविंद केजरीवाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस और बीजेपी उनके खिलाफ साजिश कर रही है।
केजरीवाल ने बताया कि अन्ना ने पूछा कि आंदोलन के पैसे का क्या हुआ तो उन्होंने बताया कि वह आंदोलन के दौरान ही खत्म हो गया था। इसके साथ ही चंदे का पूरा ब्यौरा हमारी वेबसाइट पर मौजूद है। मेरे पूरे पैसे की जांच करवा लें। अगर मैं दोषी हुआ तो चुनाव नहीं लड़ूंगा।
केजरीवाल ने कहा कि जहां तक अन्ना कार्ड के पैसों की बात है तो उससे 9 लाख रुपये इकट्ठे हुए थे, वे पैसे पहले ही खर्च हो चुके थे।
गौरतलब है कि समाजसेवी अन्ना हजारे ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि मुझे पता चला है कि आपका सारा अभियान इस तरह चलाया जा रहा है कि जैसे कि उसे मेरा समर्थन हो।
इसके जवाब में केजरीवाल ने अन्ना को जवाब दिया कि आपकी मनाही के बाद किसी भी प्रचार में न आपकी तस्वीर है, न आपका जिक्र। केजरीवाल ने लिखा कि इसमें सिर्फ 2011 के अन्ना आंदोलन की बात है।
अन्ना ने पूछा कि आंदोलन के पैसे का क्या हुआ, वह चुनाव में तो नहीं जा रहा, केजरीवाल जवाब देते हैं कि आपसे बार−बार चर्चा हुई, आपने बार−बार ऑडिटिंग कराई, फिर ये सवाल क्यों? उसका कोई पैसा इस्तेमाल नहीं हो रहा। पैसों से जुड़ा सारा ब्यौरा साइट पर मौजूद है।
इसके अलावा केजरीवाल से अन्ना ने ऐतराज जताया था कि आपने जन लोकपाल बिल पास करने का वादा किया है, जो सिर्फ लोकसभा कर सकती है, यह विधानसभा के दायरे में नहीं आता।
लोकपाल बिल को पास कराने के मुद्दे पर केजरीवाल ने अन्ना को लिखा कि आपने उत्तराखंड और महाराष्ट्र में इस बिल का समर्थन किया, हम वही दिल्ली में कर रहे हैं और हमने इससे अलग कोई वादा नहीं किया है।
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