5 से 10% एक्टिव केसों में पड़ रही है अस्पताल में भर्ती करने की नौबत, तेजी से बदल सकते हैं हालात : सरकार ने चेताया

देश में कोरोना के मामलों में फिर तेजी के बीच सरकार ने कहा कि स्थिति को लेकर फिलहाल कुछ ठोस नहीं है. आने वाले वक्त में चीज़ें बदल सकती हैं. अस्पताल में दाखिल होने वालों की तादाद अचानक बढ़ सकती है. 

5 से 10% एक्टिव केसों में पड़ रही है अस्पताल में भर्ती करने की नौबत, तेजी से बदल सकते हैं हालात : सरकार ने चेताया

देश में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में जोरदार तेजी आई

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में तेजी के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि फिलहाल एक्टिव केस के 5 से 10 प्रतिशत मामलों में ही मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है. हालांकि, सरकार ने चेताया कि स्थिति में तेजी से बदलाव हो सकता है. केंद्र ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा, "दूसरी लहर में एक्टिव केस के 20-23% को अस्पताल में भर्ती की जरूरत पड़ी थी, उसकी तुलना में फिलहाल एक्टिव केस के 5-10% को ही है अस्पताल की जरूरत पड़ रही है. फिर भी सतर्क रहने की जरूरत है.

सरकार ने कहा कि स्थिति को लेकर फिलहाल कुछ ठोस नहीं है. आने वाले वक्त में चीज़ें बदल सकती हैं. अस्पताल में दाखिल होने वालों की तादाद अचानक बढ़ सकती है. 

केंद्र ने राज्यों से कहा कि वो सक्रिय मामलों की कुल संख्या, अस्पताल में भर्ती मामलों, होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की संख्या, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर सपोर्ट के मामलों की स्थिति पर दैनिक निगरानी रखें. देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार ने राज्यों को यह परामर्श जारी किए हैं.

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केंद्र ने राज्यों को कहा कि वो ये सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य सुविधाओं द्वारा लिए जा रहे पैसे उचित हों. ज्यादा चार्ज लेने की स्थिति में निगरानी और कार्रवाई के लिए मैकेनिज्म तैयार करें. कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) में बिस्तरों को आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन डेडिकेटेड बिस्तरों में अपग्रेड करें.

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टेली परामर्श सेवाओं के प्रावधान के लिए रिटायर्ड चिकित्सा पेशेवरों या एमबीबीएस छात्रों की नियुक्ति करें. स्वास्थ्य मंत्रालय ने 8 जनवरी और 9 जनवरी, 2022 को सभी राज्यों को एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों, इंटर्न, सीनियर रेजिडेंट्स, जूनियर रेजिडेंट्स के साथ-साथ बीएससी नर्सिंग छात्रों  की सेवाओं का उपयोग करने के संबंध में दो अलग-अलग दिशानिर्देश जारी किए हैं.

रात 10 बजे तक खोले जा सकते हैं वैक्सीनेशन सेंटर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा कि ज़रूरत पड़ने पर कोविड वैक्सीनेशन सेंटर्स (COVID Vaccination Centres) रात 10 बजे तक खोले जा सकते हैं. केंद्र ने राज्यों से कहा कि कोविड टीकाकरण केंद्रों (CVC) की टाइमिंग निर्धारित नहीं है. ये जरूरत के हिसाब से तय हो सकती है. इंफ्रास्ट्रक्चर अगर हो तो रात 10 बजे तक कोविड वैक्सीनेशन सेंटर्स खोले जा सकते हैं. 

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