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This Article is From Sep 09, 2021

काशी विश्‍वनाथ मंदिर परिसर में ज्ञान वापी मस्जिद के ASI सर्वे पर इलाहाबाद HC ने लगाई रोक

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में ज्ञान वापी मस्जिद के ASI सर्वे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. HC ने इसके साथ ही वाराणसी निचली अदालत में चल रही  सुनवाई पर भी रोक लगाई .

इलाहाबाद हाईकोर्ट हाईकोर्ट दो हफ्ते बाद इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा (प्रतीकात्‍मक फोटो)

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में ज्ञान वापी मस्जिद (Varanasi's Gyanvapi Mosque) के ASI सर्वे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. HC (Allahabad High Court ) ने इसके साथ ही वाराणसी की निचली अदालत में चल रही  सुनवाई पर भी रोक लगाई . जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया.हाईकोर्ट दो हफ्ते बाद इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि दो हफ्ते बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी, उसी समय हम हाईकोर्ट के सामने केस से जुड़ी जानकारी रखेंगे. HC ने इस मामले में सभी पक्षों से 2 हफ्ते में नए सिरे से जवाब दाखिल करने को कहा है. अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी, तब तक निचली अदालत के फैसले पर रोक लगी रहेगी. अदालत के फैसले से मुस्लिम पक्षकारों को फौरी राहत मिली है. 

गौरतलब है कि अप्रैल में वाराणसी की निचली अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर महा परिसर में स्थित ज्ञानवापी के पुरातात्विक सर्वेक्षण के दिए आदेश दिए थे. वाराणसी के सीनियर डिवीजन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के जज आशुतोष तिवारी ने सर्वेक्षण कराने का फैसला दिया था. इस  फैसले में केंद्र के पुरातत्व विभाग के 5 विशेषज्ञों की टीम बनाकर पूरे परिसर का अध्ययन कराने के निर्देश  दिया गया था. काशी यानी वाराणसी के स्थानीय वकील विजय शंकर रस्तोगी ने दिसंबर 1991 में सिविल जज की अदालत में स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वर की ओर से एक आवेदन दायर किया था, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के विशेषज्ञों से संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण करने का अनुरोध किया गया था. उन्होंने स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वर के ‘वाद मित्र' के रूप में याचिका दायर की थी.

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